बजट पेश करने पहले की तरह सूटकेस नही लाल बैग लेकर पहुँची निर्मला सीतारमण, बहुत गहरा है कारण

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आज यानी 5 जुलाई को मोदी सरकार द्वितीय का पहला बजट पेश होने जा रहा है और सभी को इस बजट से काफी उम्मीदे भी है क्योंकि इससे एक दिन पहले पेश हुए इकनोमिक सर्वे में भी देश को उम्मीद की किरण दिखाई दी थी. बजट से जुडी सबसे ख़ास बात ये है कि इसे इस बार देश की पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करने जा रही है जो पहले देश की रक्षामंत्री भी रह चुकी है. हालांकि इससे पहले ये इंदिरा गांधी ने भी किया था मगर वो पीएम थी और उन्होंने वित्त मंत्रालय का अलग से प्रभार लिया था.

परम्परा से हटकर सूटकेस की जगह लाल बैग
थामा आपने आज से पहले हमेशा बजट पेश करते मुख्यमंत्रियो के हाथ में एक सूटकेस देखा होगा लेकिन इस बार ऐसा नही हुआ. जब निर्मला सीतारमण फोटो सेशन के लिए पहुँची तो उनके हाथ में कोई भी सूटकेस नही बल्कि एक लाल रंग का बैग था. वो लगभग पांच मिनट तक वही पर ही नजर आयी और इसके बाद में वो औपचारिक तौर पर राष्ट्रपति से मन्जूरी लेने के लिये चली गयी. पीछे ये लाल बैग से जुड़े सवाल भी तो लोगो के लिए छोड़ ही गयी है.

हिन्दू धर्म में शुभ है लाल रंग
दरअसल अब से पहले जो सूटकेस दिखाने की परम्परा थी उसे अंग्रेजो द्वारा शुरू किया गया था. वो भारत के लिए बजट पेश करते थे तब इसी तरह से सूटकेस दिखाते थे और जब भारत आजाद हुआ तो भारत के वित्तमंत्रियो ने भी बिलकुल वैसा ही करना शुरू कर दिया मगर निर्मला सीतारमण ऐसा नही करना चाहते थी. उन्होंने बही खाता सा दिख रहा एक बैग जो लाल रंग से ढका है उसमे बजट लेकर के पहुँची. इसे सामान्य भाषा में बही खाता भी कहते है और लाल रंग में व्यापारी लोग लपेटकर के रखते है. उसी भारतीय परम्परा को फोलो करने की यहाँ पर कोशिश की गयी है.

क्या हो सकता है बजट में?
बजट में बेसिक आयकर की लिमिट 5 लाख तक मंजूर हो सकती है. हाउसिंग लोन पर ब्याज दर घट सकती है और सोना भी सस्ता किया जा सकता है. बजट में किसानो के लिए काफी कुछ नया आ सकता है जिसमे बिना ब्याज का लोन भी शामिल है. प्राइवेट सेक्टर में रोजगार जनरेट करने के लिये कॉर्पोरेट जगत को भी कुछ टैक्स में छूट मिल सकती है ताकि वो इन्वेस्ट करने के लिए प्रोत्साहित हो.