मुस्लिम युवक रोज पढता था गीता और रामायण, पड़ोसियों ने उसका ऐसा हाल कर दिया

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भारत एक सेक्युलर मुल्क है और यहाँ पर सभी को अपनी इच्छा से जिसे चाहे उसे मानने और पूजने की आजादी है चाहे वो किसी भी धर्म से ताल्लुक क्यों न रखता हो?  मगर यही आजादी एक व्यक्ति है जिसे बहुत ही  भारी पड़ी है और शायद इसके बाद में बाद में वो लोग जो अपने जन्मजात धर्म से उलट जाकर किसी और के प्रति श्रद्धा रखना चाहते हो वो लोग भी इससे काफी हतोत्साहित हो. युवक का नाम है दिलशेर खां पुत्र फूल खां जो अलीगढ़ के महफूज नगर इलाके में रहने वाला है. दिलशेर समय के साथ में हिन्दू धर्म से जुड़े ग्रंथो और पुस्तको के संपर्क में आया और उसके दिल में उनके लिए दिलचस्पी जगने लगी.

ये दिलचस्पी दिन ब दिन इतनी बढ़ गयी कि वो रोज उठकर के गीता और रामायण का पाठ करता. ये दिलशेर की अपनी निजी चॉइस थी. अब कोई हिन्दू चाहे तो मुस्लिम किताबे और मुस्लिम चाहे तो हिन्दू किताबे पढ़ सकता है क्योकि संविधान उसे इसका अधिकार देता है मगर ये बात उसके पड़ोस में रहने वाले कट्टर लोगो को बिलकुल भी पसंद नही आयी. वो लोग अचानक से भीड़ के रूप में उसके घर में घुसे और दिलशेर की जमकर के पिटाई की.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने घर में घुसकर के उसके घर वालो से भी बदतमीजी की और उनसे साफ़ साफ़ तौर पर पर धमकाते हे हुए कहा कि ये रामायण और गीता का पाठ बंद हो जाना चाहिए वरना और भी ज्यादा बुरा हो सकता है. दिलशेर ने इस मामले में अलीगढ़ के देहली गेट पुलिस स्टेशन में मामला भी दर्ज करवाया है जिसमे पूरी घटना का जिक्र है.

थाने के इन्स्पेक्टर इन्द्रेश पाल का कहना है कि वो मामले की जांच कर रहे है और इस सम्बन्ध में पुलिस ने कार्यवाही करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया है. विश्व हिन्दू परिषद् संगठन ने भी मामले में दखल देते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की मांग की है.