गाँव वालो और किसानो के लिये नयी स्कीम लेकर आयी मोदी सरकार, 1 से 2 लाख कमा सकेंगे

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किसानो की हालत भारत में शुरू से ही अच्छी नही रही है. बड़ी मुश्किल से किसान खेती करते है उसमे भी उन्हें कर्ज लेना पड़ता है. अगर वो खेती करते भी है तो भी उनके आगे बहुत ही ज्यादा मुश्किलें रहती है जैसे अकाल की समस्या या फिर उन्हें फसल के सही दाम नही मिल पाना. अब जमीन तो वही रहेगी और खेती भी उतनी ही रहेगी तो ऐसे में उनकी आमदनी बढ़ाई कैसे जाए? गाँव में रहने वाले लोग क्योंकि अधिकतर खेती और खेतो पर ही निर्भर रहते है तो उनके लिए मोदी सरकार कमाई का एक नया जरिया लेकर के आ गयी है.

अक्षय ऊर्जा उत्पादन का माध्यम बनेंगे गाँव के किसान
अक्षय ऊर्जा उप्तादन के तहत अब किसान अपने खेतो में सोलर पैनल खाली जगह पर लगाकर के बिजली का उप्तादन कर सकेंगे और इस उप्तादन इससे उप्तादित की जाने वाली ऊर्जा को किसान चाहे तो सरकार को बेच सकते है. आम लोगो के उपयोग के लिए सरकार इस बिजली को खरीदेगी और किसान को इसके बदले रकम भी मिलेगी. इससे अगर किसान चाहे तो औसतन एक लाख रूपये सालाना तक कमा सकेंगे. ये उनके आर्थिक स्तर को सुधारने और देश की ऊर्जा की जरूरत दोनों ही पूरा करने में काफी मददगार साबित होगी.

ऊर्जा मंत्री आरके सिंह का भी कुछ कहना है
आरके सिंह का कहना है कि भारत अक्षय ऊर्जा के मामले में सर्वाधिक तेज स्पीड से काम करने वाले देशो में शुमार हो चुका है. अगले 20 दिनों में सरकार इस स्कीम की शुरुआत करने जा रही है जिसका हिस्सा बनकर के किसान चाहे तो अपने खेत में दो मेगावाट तक के सोलर पैनल लगा सकते है. इससे जो भी बिजली बनेगी उसे सरकार उनसे खरीदा करेगी. इससे लोगो को एक लाख रूपये तक की इनकम हो सकती है. अगर किसी किसान को पैनल लगाने में दिक्कत है तो वो अपनी जमीन डेवलपर को दे दे इससे उसे हिस्सा मिलेगा और लाभ पहुंचेगा.

हालाँकि ये पैनल खेत में उन हिस्सों में लगाया जाए जहाँ पर खेती नही की जा रही है तो ही बेहतर साबित होगा. अब सवाल ये उठता है कि आखिर अफसर और बाकी सभी कर्मचारी जो भी ग्रामीण स्तर पर काम करते है क्या वो इस मामले में किसानो की उसी तरह से मदद करेंगे जिस तरह से सरकार चाह रही है?