अमित शाह ने फिर से किया ममता बनर्जी की राजनीतिक साजिश को नाकाम

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केंद्र की बीजेपी सरकार और बंगाल की टीएमसी सरकार दोनों के ही बीच में लगातार टकराव देखने को मिलता रहता है और ये टकराव देखते ही देखते इस हद तक बढ़ जाता है कि बस पूछिए मत. कई बार तो राजनीतिक रंजिश में हमले भी देखने को मिलते है और इस बार तो बंगाल के नाम को लेकर के ही जंग सी छिड़ गयी जिसके जरिये ममता बनर्जी फायदा उठाना चाह रही थी मगर अमित शाह ने अपनी सोच समझ और सूझ बूझ के बल पर उसे रोक दिया और ये ममता बनर्जी के लिए किसी बहुत ही बड़े झटके से कम तो हरगीच नही था.

बंगाल का नाम बांग्ला रखना चाह रही थी ममता
पश्चिम बंगाल की सरकार ने विधानसभा में एक प्रस्ताव पास कर दिया जिसके तहत पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर के बांगला रखा जाना था. राज्य ने इसे मंजूर करके केंद्रे सरकार के पास अनुमति के लिए भेज दिया क्योंकि इसके लिए केंद्र की मंजूरी जरूरी थी लेकिन गृह मंत्रालय जो अमित शाह के अंडर आता है उसने इस पर आपत्ति दर्ज करके इसे पूरी तरह से नामंजूर कर दिया और ममता बनर्जी के लिए ये बहुत ही बड़ा झटका था.

बांग्ला शब्द का इस्तेमाल करके क्षेत्रवादी वोट बैंक मजबूत करना चाह रही थी ममता
ममता बनर्जी लगातार जय श्री राम के विरोध में जय बांग्ला जैसे नारों का उपयोग किया था. वो बांग्ला बांग्ला करके हमेशा से ही बंगाली वोट को मजबूत करने की कोशिश करती रही है और इसके बाद में अब उन्होंने राज्य का नाम भी हिंदी में बांग्ला करने का निर्णय किया है जो अपने आप में प्रत्याशित था. इससे पहले भी एक बार बंगाल सरकार इसी तरह का एक प्रस्ताव दे चुकी है जिसे भी रिजेक्ट कर दिया गया था और अब एक बार फिर से अमित शाह ने ममता बनर्जी के अरमानो पर पानी फेर दिया.

लोग ममता बनर्जी की इस तरह की क्षेत्रवादी नीतियों का विरोध करते रहे है जिसके चलते राष्ट्रवाद को अच्छा खासा नुकसान पहुँचता है मगर फिर भी ममता बनर्जी अपने वोट्स के लिए राज्य का नाम बदलने से लेकर शासन प्रशासन से खिलवाड़ करने तक में भी कोई कमी नही छोडती है. इस वजह से केंद्र और राज्य में कई बार झगडे में भी देखने को मिलते है.