निगम अधिकारी को पीटने वाले आकाश विजयवर्गीय की जमानत पर कोर्ट का फैसला आया

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इन दिनों इंदौर की राजनीति में काफी भूचाल आ रखा है और इसके पीछे का कारण है आकश विजयवर्गीय द्वारा सीधे सीधे तौर पर निगम अधिकारियों से भिड जाना. अगर आपको जानकारी न हो तो बता दे 26 जून की सुबह निगम के अधिकारी और कर्मचारी जेसीबी लेकर के एक मकान को तोड़ने के लिए पहुंचे थे. उनका कहना था कि इस मकान की हालत जर्जर होने की वजह से इसे तोड़ा जा रहा है.

आकाश विजयवर्गीय उन्हें रोकने के लिए पहुंचे और उन पर आरोप लगाया कि ये सब मंत्री सज्जन वर्मा के इशारे पर हो रहा है और मैं ऐसा होने नही दूंगा. दोनों ही गुटों के बीच में बहस इस हद तक बढ़ गयी कि आकाश विजयवर्गीय ने निगम के अधिकारियों पर बैट ही चला दिया. बैट चलाए जाने के बाद में उन पर केस दर्ज हुआ और उन्हें पुलिस हिरासत में ले लिया गया. तुरंत उनकी जमानत की कोशिश की गयी लेकिन उसे खारिच कर उन्हें जेल में भेज दिया गया.

अब उनके केस को विशेष पीठ में ट्रांसफर कर दिया गया और ट्रान्सफर करने के बाद में उनकी एक बार फिर से सुनवाई हुई जिसमे उन्हें 20 हजार रूपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी गयी. हालांकि जमानत के लिए उन्हें काफी हाथ पाँव जरुर मारने पड़े लेकिन आखिरकार उन्हें जमानत दे दी गयी.

आपको बता दे उन पर मारपीट के अलावा कमलनाथ का पुतला जलाने का भी मामला थ जिस पर भी जमानत मिल गयी है. जमानत मिलने के बाद से ही हर तरफ काफी ख़ुशी का माहौल है और आकाश विजयवर्गीय के सभी समर्थक जोश के साथ में खुशियाँ मना रहे है. रेखा नाम की एक महिला तो आकाश विजयवर्गीय को जमानत दिलाने के लिए भूख हड़ताल पर बैठ गयी थी, उनका कहना था कि आकाश जी बहुत ही अच्छे विधायक है, हमारे हर सुख दुःख में वो हमारे काम आते है उन्हें जेल में नही होना चाहिए.