अब एम्बुलेंस को रास्ता नही दिया तो लगेगा भारी जुर्माना, नये नियमो में बिना हेलमेट गाडी चलाने वालो के लिए बुरी खबर

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सरकार को समय के हिसाब से नियम कायदे और क़ानून बदलने ही पड़ते है और इन्हें बदलने के पीछे का कारण होता है बदलता हुआ समाज, बदलता इन्फ्रास्ट्रक्चर और मॉडर्न होती दुनिया. वैसे भी मोदी सरकार की पहली प्राथमिकता में ही क़ानून और आम आदमी की जिन्दगी का सरलीकरण है. इसी दौर में कुछ एक बड़े नियम बदले जा रहे है जो आपकी हमारी हम सभी की जिन्दगी को डायरेक्ट या फिर इनडायरेक्ट तौर पर प्रभावित करेंगे और वाकई में करेंगे. चलिए फिर जानते है कौनसे है वो नियम जो परिवहन में कुछ क्रांति लाने के आसार रखते है.

हालांकि पहले ये जान लीजिये कि अभी मोदी सरकार ने इस पर बिल तैयार किया है जिसे केबिनेट की तरफ से मंजूरी मिल चुकी है जिसमे तय किये गये कुछ मोटर व्हीकल नियम कुछ इस तरह से है. ये दोनों सदनों से पास होने के बाद या फिर अध्यादेश के द्वारा भी लागू हो सकते है.

  1. नये नियम के अनुसार आपातकालीन वाहनों जैसे एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड आदि को रास्ता देना सबसे जरूरी बना दिया गया है. अगर कोई भी रास्ता नही देता है तो उसे 10 हजार रूपये तक का जुर्माना देना पड़ेगा. ये नियम ट्राफिक के कारण एम्बुलेंस के लेट होने के चलते लाया जा रहा है.
  2. अब अगर कोई भी किशोर गाडी चलाता है और चलाते हुए उससे कोई अपराध भी होता है तो ऐसे में गाडी का मालिक या फिर उस बच्चे के पेरेंट या संरक्षक दोषी माने जायेंगे. परिणामस्वरूप गाडी का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जायेगा. इसके बाद तीन साल की जेल से लेकर 25 हजार तक के जुर्माने का भी प्रावधान है.
  3. पहले न्यूनतम जुर्माना 100 रूपये था लेकिन अब इसे बढाकर के 500 रूपये किया गया है. यानी अब छोटी से छोटी गलती भी जेब से 500 रूपये ढीले करवा सकती है.
  4. अब बिना हेलमेट के गाडी चलाने पर 1000 रूपये का जुर्माना और तीन महीने तक के लिए लाइसेंस भी निलंबित हो सकता है. वही अगर बिना लाइसेंस वाहन चलाते हुए पाए जाते है तो 5000 तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा.
  5. अब बीमा पालिसी के बिना वाहन चलाने वालो की भी खैर नही है. ऐसे लोगो पर एक झटके में दो हजार रूपये का जुर्माना लगेगा.

नियम थोड़े से दिखने में सख्त और जेब खाली करने वाले नजर जरुर आ रहे है लेकिन इन्ही नियमो की बदौलत सरकार कह रही है कुछ हद तक रोड दुर्घटनाये रोकने में मदद मिल सकती है.