मायावती का बहुत बड़ा ऐलान, अखिलेश को अब तक का सबसे बड़ा झटका

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बसपा और सपा जबसे उत्तर प्रदेश में बुरी तरह से लोकसभा में जबसे बहुत ही बुरी तरह हार हासिल की उसके बाद से इनकी राहे जुदा होने लगी थी. 3 जून को ही बसपा ने अपनी एक बड़ी मीटिंग में इस बात के संकेत दे दिए थे लेकिन अखिलेश यादव काफी सोच समझकर बयान दे रहे थे. हालाँकि मायावती के तो जो भी मुंह में आ रहा है वो बस बोले जा रही है और एक बार फिर से मायावती ने वही ही किया है.

उपचुनाव से ठीक पहले बसपा ने एक हाई लेवल की मीटिंग की थी जिसके बाद में मायावती ने एक के बाद एक लगातार दो ट्वीट किये और साफ़ किया कि अब अखिलेश यादव से उनका कोई भी राजनीतिक सम्बन्ध नही है. मायावती ने लिखा ‘ देर रत तक हमारी मीटिंग्स चली जिसमे मीडिया नही था फिर भी कई गलत खबरे फैलाई गयी है जबकि इस मामले में प्रेस नोट भी जारी किया गया था.’

अपनी बात को आगे बढाते हुए मायावती लिखती है ‘ जगजाहिर है सपा बसपा ने पूरे गठबंधन धर्म को निभाया लेकिन आम चुनाव के बाद सपा के व्यवहार देखकर के क्या बीजेपी को हरा पाना संभव होगा? ऐसा बिलकुल भी संभव नही है. इसलिए अब बसपा आगे के सारे छोटे और बड़े चुनाव अकेले ही अपने बलबूते पर लड़ेगी.’

मायावती ने जिस तरह से अखिलेश और उनकी पार्टी पर गलत व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए गठबंधन तोडा है उसके बाद में अखिलेश के पास में कहने को कुछ भी नही बचा है क्योंकि अखिलेश ने ही अपने पार्टी के बड़े लोगो के खिलाफ जाकर न सिर्फ मायावती से गठबंधन किया है बल्कि साथ ही साथ उन्हें बुआ कहकर के कभी संबोधित किया तो उन्हें अब अपनों से ही ताने मिलेंगे ये बात बेहद ही लाजमी सी है. खैर जो भी है आगे और भी बाते साफ़ होगी.