चमकी बुखार पर बिहार सरकार का बहुत ही शर्मनाक बयान

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बिहार में इन दिनों बहुत ही बड़ी मेडिकल इमरजेंसी आ चुकी है. आये दिन देखते ही देखते बच्चो की जान जा रही है और ऐसे में कही न कही इल्जाम लग रहा है बिहार सरकार के प्रशासन के ढुलमुल रवैये पर और मेडिकल की बहुत ही बदतर स्तर की सुविधाओं पर. ऐसे में नीतीश कुमार भी मीडिया से बात करने से दूर भाग रहे है और ऐसे में सुप्रीम कोर्ट तक भी ये मामला पहुंचा है. सुप्रीम कोर्ट ने चमकी बुखार के फ़ैल रहे आतंक को ध्यान में रखते हुए केंद्र और राज्य सरकार दोनों को ही न सिर्फ फटकार लगाई है बल्कि साथ ही साथ बिहार सरकार से 10 दिन में हलफनामा भी माँगा है.

ऐसे में बिहार सरकार की तरफ से जो कोर्ट में बयान दिया गया वो बड़ा ही शर्मनाक कहा जा रहा है. सरकार की तरफ से कहा गया कि हालात फ़िलहाल काबू में है और सब कुछ ठीक है. बिहार सरकार की तरफ से ये बात तब कही जा रही है जब 170 से भी ज्यादा जाने जा चुकी है, कई लोग अस्पताल में भर्ती है, कुपोषण के हजारो मामले सामने आ रहे है और तो और मेडिकल सुविधाओं का भी भारी अभाव है.

ऐसे में हालत काबू में या फिर नियंत्रण में किस एंगल से है? ये बात समझ से बिलकुल ही परे है. इससे पहले भी नीतीश कुमार मीडिया पर ज्यादा सवाल जवाब करने पर गुस्सा होकर कह चुके है आप लोग अपनी मर्यादा लांघ रहे है. नीतीश के मंत्री भी कुछ भी बोलने से बच रहे है और बच्चे है जो अपनी जान गँवा रहे है.

ऐसे में कही न कही लोगो का सिस्टम पर से भरोसा उठने लगा है और ये अपने आप में बेहद ही संवेदनशील मसला है जिसके चलते एलजेपी ने तो उनका इस्तीफा तक मांग लिया है, फिर भी नीतीश ने कोई स्पष्टीकरण नही दिया है.