मोदी सरकार ने किया ड्राइविंग लाइसेंस लेने के नियम में बड़ा बदलाव

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क़ानून समय के साथ में बदले जाने बेहद ही जरूरी है क्योंकि जरुरी नही है आज से 10 या 50 साल पहले जो कायदा बना हो वो आज के लोगो के लिए फायदेमंद ही हो. इसी सरलीकरण की प्रक्रिया में मोदी सरकार की तरफ से ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर एक बड़ा बदलाव किया जा रहा है. दरअसल पहले भारी वाहन चलाने का लाइसेंस हासिल करने के लिए शैक्षिक योग्यता होनी जरूरी थी लेकिन अब इसे खत्म करने पर काम शुरू कर दिया गया है जिसे लेकर के अब जल्द ही एक अधिसूचना जारी कर दी जायेगी और इससे सबसे ज्यादा फायदा गाँव के लोगो को होने वाला है.

पहले क्या था नियम?
केन्द्रीय मोटर वाहन 1989 के नियम नम्बर 8 के अनुसार पहले किसी भी व्यक्ति को अगर ट्रांसपोर्ट, माल ढुलाई जैसे बड़े वाहनों का लाइसेंस लेना होता था तो उसे कम से कम आठवी पास होना अनिवार्य था. अगर कोई व्यक्ति अनपढ़ या कम पढ़ा लिखा होकर के भी ड्राइविंग करना चाहता था तो उसे ये अवसर नही दिया जाता था.

बदला जाएगा नियम
हाल ही के आधिकारिक बयान के अनुसार परिवहन विभाग इस नियम में संसोधन करते हुए शैक्षिक योग्यता को खत्म कर देगा और इसके बाद बिना शैक्षिक योग्यता के भी कोई भी व्यक्ति इसके लिए अप्लाई कर सकेगा. हालांकि इसके लिये पहले उसे ट्रेनिंग लेनी होगी. उसे वाहन चलाने के और ट्राफिक के सारे नियम सीखने होंगे और अगर वो ऐसा कर पाने में कामयाब हो जाता है तो उसे ये लाइसेंस मिल जाएगा.

क्यों किया जा रहा है नियम में बदलाव?
दरअसल भारत में फ़िलहाल लगभग 22 लाख चालको की जरूरत है तो ऐसे में कम पढ़े लिखे लेकिन स्किल्ड लोगो को इस माध्यम से रोजगार दिया जा सकता है. एक रिपोर्ट के अनुसार छुप छुपकर अवैध तरीके से भी ड्राईवर इस तरह की गाड़ियां चलाते है और ये भ्रष्टाचार का कारण बनता है लेकिन अगर उन्हें वैध ड्राईवर बना दिया जाए तो ये समस्या सुलझ जायेगी.

नये 18 और 16 वर्षीय किशोरों के लिए भी खुशखबरी
अब लाइसेंस के लिए प्रक्रिया भी काफी हद तक ऑनलाइन कर दी गयी है. परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाकर अपना सरकारी आईडी प्रूफ देकर अब 16 वर्ष के किशोर ई बाइक्स के लिए और 18 वर्ष के किशोर चौपहिया वाहन के लिये आवेदन कर सकेंगे. सारा काम कंप्यूटर से हो जायेगा, बस उन्हें टेस्ट देने के लिये ऑफिसर के पास जाना होगा.