चमकी बुखार से जा रही है बच्चो की जान, लेकिन बिहार के नेताओ ने दिये ऐसे शर्मनाक बयान

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बिहार में इन दिनों इन्सिफेलाइटिस का आतंक मचा हुआ है और सभी लोग इससे बहुत ही ज्यादा परेशान भी है. ख़ासतौर पर बच्चे इस बीमारी से कुछ ज्यादा ही त्रस्त है. अब तक 100 से भी ज्यादा लोगो की जान बिहार में इस बीमारी के चलते जा चुकी है और इसे चमकी बुखार के नाम से बुलाया जाता है. हालत इतनी बुरी है लेकिन नेता और अधिकारी भी भी मानो बिलकुल नींद में है और न ही उन्हें कोई सुध है. यही नही कुछ नेताओं के बयान भी इतने अचंभित करने वाले है जिन्हें देखकर के उनकी संवेदनहीनता का पूरा अनुभव होता है.

जेडीयू बोली बारिश भरोसे बच्चे
गर्मी के चलते बिहार के लोगो की जान जा रही है और में कोई उपाय करने की बजाय जेडीयू के सांसद दिनेश चन्द्र यादव बेहद ही गैर जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहते है ‘कई सालो में जब गर्मियां आती है तो बच्चे बीमार पड़ते है और ये आंकडा बढ़ जाता है. ऐसा हर बार होता है सरकार ने व्यवस्था कर रखी है. जब बारिश आयेगी तो ये सब रूक जाएगा.’

अजय निषाद ढूँढने लगे जाति
अजय निषाद ने इसमें जातिगत एंगल ढूंढते हुए कहा जो भी लोग बीमार हुए है उनमे अधिकतर लोग गरीब परिवार से है, अनुसूचित जाति से है. गंदगी के कारण ये बीमारी हो रही है. कभी कभी चूक हो जाती है. बीमारी में गिरावट हो गयी इसलिए ध्यान हट गया.

मुख्य सचिव ने मढ़ा लोगो पर ही दोष
बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार का कहना है कि इस तरह से लोगो के जान जाने के पीछे का कारण लोगो का देर से अस्पताल तक आना है. अगर लोग टाइम से अस्पताल आयेंगे तो उनका इलाज किया जा सकता है. हम उन्हें कह रहे है अगर वो आते है तो उन्हें किराया भी दिया जाएगा लेकिन फिर भी लोग देरी से आ रहे है.

जिस तरह से नेता हो या प्रशासन हो, सभी कभी लोगो पर दोष डाल रहे है तो कभी मौसम पर लेकिन कोई भी बदलाव की सफाई की, स्वास्थ्य की जिम्मेदारी पूर्ण रूप से निभाने को तैयार नही है और इसी के चलते बिहार की जनता दिन ब दिन त्रस्त होती चली जा रही है.