आज उस व्यक्ति का जन्मदिन है जिसने करगिल युद्ध की कवरेज से लेकर सबसे जबर प्राइम टाइम दिया

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जन्मदिन है आज उस व्यक्ति का जो पत्रकारिता की दुनिया में एक मिसाल है जो उस दौर से पत्रकारिता कर रहा है जब देश में मात्र एक प्राइवेट टीवी चैनल था, जिसने आपके स्क्रीन पर कारगिल से लेकर सीरिया की तस्वीरे और विडियो लाकर रख दिये. घूसखोरी के आरोपो से अपना दामन साफ़ करने से लेकर देश का सबसे कामयाब प्राइम टाइम बनाने वाले पत्रकार सुधीर चौधरी का ट्विटर आज बधाई संदेशो से अटा पडा है.

जी ग्रुप के शुरूआती दौर में ही जुड़ गये थे
पत्रकारिता को लेकर देश दुनिया में बहुत ही बड़े बड़े लोग दावे करते है लेकिन हकीकत में सुधीर चौधरी ही उन लोगो में से एक थे जिन्होंने देश में पहली बार टीवी पर न्यूज़ दिखाने की आजादी देश को दिलवाई. सन 1994 में जी टीवी शुरू हुआ जो देश का पहला प्राइवेट चैनल था और इसी से सुधीर चौधरी ने बतौर पत्रकार शुरुआत की.

इसके बाद 24 घंटे चलने वाला प्राइवेट टीवी चैनल जी न्यूज़ भी शुरू हुआ जिसे संभालने और ऊपर तक पहुंचाने में उनकी बहुत ही बड़ी भूमिका रही.जी के लिए उन्होंने कारगिल युद्ध से लेकर सीरिया वार तक लाइव ग्राउंड पर जाकर कवर किया. सुधीर चौधरी आज भी जी न्यूज वरिष्ठ सम्पादक बने हुए है.

शुरू किया सबसे चर्चित प्राइम टाइम डीएनए
सुधीर चौधरी ने जी न्यूज ज्वाइन करने के बाद अपना सबसे चर्चित प्राइम टाइम शो डीएनए लांच किया. इसके पीछे भी के बड़ी अनोखी कहानी है. जब इस तरह के शो को प्लान करने की तैयारी चल रही थी तब उनकी टीमे गाँव गाँव तक गयी और जाकर पूछा आपको खबर में क्या चाहिये?

तो अधिकतर जवाब थे वो ब्रेकिंग न्यूज़ या मसाले से लिपटी खबरे नही बल्कि खबरों का एक लंबा विश्लेषण चाहते है जिसे मिडल क्लास से लेकर अमीर तक की भाषा समझ सके और इसीके परिणाम के रूप में आया डेली न्यूज़ एंड एनालिसिस. पानी की समस्या हो, हिन्दुओ की घटती संख्या हो, प्रधानमंत्री मोदी के चरित्र का विश्लेषण हो या फिर जेएनयू काण्ड से जुड़े एक्सपोज हो उसमे इस शो ने अपनी एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका अदा की जिसे सुधीर चौधरी ने होस्ट किया था.

रामनाथ गोयनका अवार्ड से सम्मानित सुधीर चौधरी आज पत्रकारिता की दुनिया में एक मिसाल है. शायद जर्नलिज्म की पढ़ाई करते हुए छात्रो की कबर्ड के दरवाजे की पिछली साइड उनका पोस्टर दिखा मिले तो कही अचरज मत करियेगा