बड़ी मुसीबत में एनडीटीवी और उसके मालिक, रवीश कुमार भी चैनल से गायब

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एक धड़े में लोकप्रिय चैनल एनडीटीवी की मुश्किलें कम होने का नाम नही ले रही है. कभी चैनल को गलत खबर दिखाने के लिए कोर्ट से लताड़ मिलती है तो कभी स्क्रीन काली करके या सोशल मीडिया पर दुखड़ा सुनकर चैनल अपने दिन निकाल रहा है लेकिन इस बार सीधे सीधे दिक्कत एनडीटीवी के प्रमोटर्स पर आन पड़ी है. एनडीटीवी के प्रमोटर प्रणव रॉय और राधिका रॉय पर निवेशको से धोखाधड़ी के आरोप लगे है जिसके चलते उन्हें अपना पद भी छोड़ना पड़ेगा, ऐसा कयास लगाया जा रहा है.

सेबी ने सुनायी है एनडीटीवी के प्रमोटर्स को सजा
दरअसल एनडीटीवी के प्रमोटर्स ने अपनी फर्म विश्व प्रधान प्राइवेट लिमिटेड और आईसीआईसीआई के लोन एग्रीमेंट के बारे में जानकारी अपने शेयरधारको को नही दी थी और इससे उनके निजी हित प्रभावित हुए है. ऐसे में सेबी ने इसे धोखाधडी मानते हुए उन्हें दो साल तक किसी भी बड़े पद पर रहने के लिए प्रतिबंधित कर दिया है. यही नही उन्हें सिक्यूरिटी मार्किट में भी एंट्री की इजाजत नही होगी.

क्या होगा इसका परिणाम?
इसके चलते उन्हें एनडीटीवी से जुड़े पद भी छोड़ने पड़ सकते है और अगर इसमें कुछ राहत हो भी तो निवेशको का या फिर लोन देने वालो का भरोसा उनके बिजनेस पर से घटेगा. टीवी एड में सरकारी एड और प्राइवेट कम्पनियों के एड दोनों ही टीआरपी की कमी के चलते एनडीटीवी को कम मिल रहे है, ऐसे में चैनल पहले ही संसाधनों की कमी है और ये दोहरी मार पड़ेगी तो कम्पनी की व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा सकती है.

गायब है रवीश कुमार
रवीश कुमार पिछले दो हफ्ते से एनडीटीवी पर प्राइम टाइम में नजर नही आ रहे है और सोशल मीडिया पर भी एक हफ्ते से उनकी तरफ से कुछ भी नही कहा गया है. इसके बाद से सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ चली कि आर्थिक तंगी के चलते रवीश कुमार अब शायद चैनल पर नजर न आये. हालांकि इसकी पुष्टि नही की जा सकी है, बाकी आने वाले कुछ ही दिनों में सब कुछ साफ़ हो जाएगा.