साध्वी प्रज्ञा ने संसद में शपथ लेते हुए कहा ऐसा कुछ, विपक्ष करने लगा हंगामा

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संसद में सांसदों का शपथ ग्रहण समारोह पूरा हुआ जिसमे देश के तकरीबन सारे सांसदों ने अपने अपने पद की शपथ ली और इसके बाद में आगे का कार्य शुरू होगा. सभी अपनी अपनी बारी से शपथ ले रहे थे और तभी बारी आती है सांसद साध्वी प्रज्ञा की जिन्होंने संस्कृत में अपनी शपथ ली. मगर शपथ को लेकर के हुए विवाद का विषय भाषा नही बल्कि उनका नाम था. दरअसल साध्वी प्रज्ञा ने शपथ के दौरान अपना एक काफी लंबा चौड़ा नाम बोला. शपथ लेते हुए साध्वी प्रज्ञा कहने लगी मैं प्रज्ञा सिंह ठाकुर पूर्णचेतनानन्द अवधेशानंद गिरि..

जब साध्वी प्रज्ञा ने इस तरह से अपने नाम का उच्चारण किया तो सदन में हो हल्ला होने लगा और उनसे कहा गया उन्हें अपने नाम से ही शपथ लेनी है और शपथ भी वो सिर्फ ईश्वर या फिर संविधान के नाम से ही ले सकती है. हंगामा काफी बढ़ा और साध्वी प्रज्ञा का असली नाम रिकॉर्ड में खंगाला गया.

खंगाले जाने के बाद में साध्वी प्रज्ञा ने रिकॉर्ड के अनुसार ही पूरी शपथ ली हालांकि इसके चलते उन्हें दो बार शपथ लेनी पड़ी जिसे लेकर के सोशल मीडिया पर अच्छी खासी चर्चा है. यही नही प्रज्ञा ठाकुर ने शपथ पूरी करने के बाद में भारत माता की जय का नारा भी बोला जिसे लेकर के भी विपक्ष ने आपत्ति जताई और कहा कि शपथ लेने का जो फोर्मेट है उसका उल्लंघन नही किया जाना चाहिए.

इस तरह से साध्वी प्रज्ञा के शपथ लेने के दौरान शुरू से लेकर अंत तक हंगामा होता ही रहा और इस हंगामें के बीच में दो बार साध्वी प्रज्ञा को शपथ लेकर औपचारिकता को पूरा करना पडा. हालांकि और भी सदस्यों ने भारत माता की जय कहा लेकिन सबसे ज्यादा हंगामा साध्वी प्रज्ञा को लेकर के हुआ. स्पीकर ने इस दौरान सभी से शान्ति बनाये रखने की अपील की.