वो मंदिर जहाँ गैर हिन्दुओ को नही मिलता प्रवेश, इंदिरा गाँधी को भी नही घुसने दिया गया था

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हर धर्म में अलग अलग तरह के मत और पंथ होते है जिनमें कई किस्म की रस्मे भी देखने को मिलती है और कई तरह के नियम कायदे क़ानून भी होते है जो सभी लोगो को मानने ही होते है. आज हम आपको ऐसे ही एक मंदिर के बारे में बताने जा रहे है जहाँ पर किसी भी गैर हिन्दू या फिर अगर किसी भी हिन्दू का गैर हिन्दू से सम्बन्ध भी हो तो उसे प्रवेश नही मिलता है. अब जो नियम है सो तो है तो चलिये फिर जानते है क्या है उस मंदिर की पूरी कहानी?

पुरी में है जगन्नाथ मंदिर
जगन्नाथ पुरी का मंदिर जहाँ पर भगवान् जगन्नाथ विराजते है उनकी पूजा सिर्फ हिन्दुओ से ही करवाई जाती है. मंदिर प्रशासन मानता है कि अगर इस मंदिर में गैर हिन्दू प्रवेश करते है तो इससे मंदिर प्रदूषित हो जायेगा इसलिए किसी भी गैर हिन्दू या फिर उसके सम्बन्धी को उस मंदिर में घुसने नही दिया जाता. मंदिर में इंदिरा गांधी के प्रवेश पर भी बैन लगा था क्योंकि वो एक गैर हिन्दू की पत्नी बनी थी.

सुप्रीम कोर्ट कर चुका है मंदिर को समझाने का प्रयास
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दखल देते हुए मंदिर प्रशासन से कहा था कि हम कोई हस्तक्षेप नही करेंगे लेकिन मंदिर प्रशासन को एक बार फिर से इस नियम पर विचार करना चाहिए कि गैर हिन्दुओ को इस मंदिर में प्रवेश मिले या फिर नही मिले? हालाँकि मंदिर में प्रवेश को लेकर के जो भी नियम पहले के बने हुए है उसमे किसी भी तरह के बदलाव के लिए मंदिर प्रशासन तैयार नही है.

पुरी का ये जगन्नाथ मंदिर भगवान् कृष्ण को समर्पित है जो कलिंग राजा अनंतवर्मन ने बनवाया था. इस मंदिर को कई हजारो साल पुराना बताया जाता है और इससे हिन्दुओ की आस्था बेहद ही अटूट ढंग से जुडी हुई है.