ममता बनर्जी पर गिरी कोर्ट की गाज, 7 दिन का अल्टीमेटम

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पश्चिम बंगाल में जिस तरह से क़ानून व्यवथा का मजाक बन चुका है वो तो सारी दुनिया काफी बेहतर तरीके से देख ही रही हैलेकिन इस चक्कर में प्रदेश की अस्पताल व्यवस्थाये ही तितर बितर हो जायेगी इसकी कल्पना किसी ने भी नही की होगी. दरअसल पश्चिम बंगाल में डॉक्टरो पर होने वाले हमले काफी ज्यादा बढ़ गये है जिसके चलते बंगाल के जूनियर डॉक्टर्स ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया. इस दौरान कई हजारो डॉक्टर एक साथ 48 घंटे की हड़ताल पर चले गये और इस दौरान बंगाल में अस्पताल और प्रशासन की व्यवस्था बुरी तरह से बिगड़ गयी.

दरअसल ये पूरी घटना नील रतन सरकार अस्पताल से शुरू हुई जहाँ पर एक व्यक्ति की अस्पताल में जान चली जाने के चलते उसके परिजनों ने जोर जमाते हुए डॉक्टर को ही पीट दिया. इसके बाद डॉक्टर को अस्पताल में भर्ती करवाना पडा. इस तरह से बंगाल में बढती हुई अव्यस्था के विरोध में न सिर्फ विरोध हुआ बल्कि कोर्ट में याचिका भी दायर की गयी.

हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई किये जाने के बाद में कोर्ट ने ममता बनर्जी को बहुत ही बुरी तरह लताड़ लगाई है. ममता बनर्जी से कोर्ट ने ये भी पूछा है कि इस तरह की घटना के बाद में उनकी सरकार ने डॉक्टर्स की सुरक्षा के लिए क्या क्या कदम उठाये है? इसके अलावा कोर्ट ने ममता बनर्जी को 7 दिन का अल्टीमेटम भी दिया है कि अगर वो प्रशासनिक व्यवस्थाओं को ठीक नही कर पाती है तो उन्हें जवाब तलब करना होगा.

सिर्फ डॉक्टर ही नही बाकी प्रोफेशन के लोग भी और आम आदमी से लेकर राजनीतिक कार्यकर्ता भी बंगाल में अपनी जान गँवा रहे है और इसके बाद में सीधे सीधे सवाल उठ रहे है तो सिर्फ और सिर्फ ममता सरकार पर. ऐसे में कुछ लोग तो राष्ट्रपति शासन की मांग भी करने लगे है क्योंकि राज्य सरकार शासन व्यस्था लागू कर पाने में विफल नजर आने लगी है.