पुलवामा में हुए शहीदो के परिवारों के लिये नीतीश कुमार का बड़ा ऐलान

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देश उन दिनों शान्ति भरे दौर से गुजर रहा था लेकिन तभी कश्मीर से एक दिल को कचोट देने वाली खबर आती है और खबर होती है एक साथ 40 सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गये है. ऐसे में देश तो शोक में था ही लेकिन सबसे ज्यादा दुःख तो उनके परिवार को होता है जिनके घर से जवान शहीद होते है, परिवार के सदस्य शहीद होते है क्योंकि ये अपने आप में दर्द तो देता ही है लेकिन इससे भी बड़ी बात ये है कि अब सरकारे भी अपने स्तर पर उनकी अधिक से अधिक मदद करने के प्रयास करने लगी है जैसा बिहार सरकार ने करने का प्रयास किया है.

शहीद के परिजनों को सरकारी नौकरी नीतीश सरकार की केबिनेट मीटिंग में हाल ही में लगभग 17 प्रस्ताव लाये गये थे जिसमे से एक ये भी था कि जो भी बिहार से पुलवामा के हमले में शहीद हुए है उन सभी सीआरपीएफ के जवानो के परिवारजन में से एक को सरकारी नौकरी दी जायेगी ताकि वो अपना भरण पोषण कर सके.

इससे बिहार में कुल दो लोग लाभान्वित होंगे. बिहार से शहीद हुए दो सीआरपीएफ जवानो के नाम रतन ठाकुर और संजय सिन्हा है और इनके ही परिवार वालो को ये लाभ मिलने वाला है. इसकी मांग पहले से ही उठती रही थी क्योंकि अब उनके घर का मुख्य कमाऊ सदस्य जा चुका था वो भी देश की सेवा के लिए तो ऐसे में कही न कही इस फैसले ने उन्हें हौसला देने का काम ही किया है.

लिये गये और भी फैसले नीतीश केबिनेट में और भी कई फैसले लिए गये जिसमे सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित किया अब माता पिता की सेवा करने की अनिवार्यता लागू करने से. अब बिहार में बच्चो का बड़े होने पर अपने बूढ़े माँ बाप की सेवा करना अनिवार्य कर दिया गया है जिसके बाद से उनकी खूब तारीफ़ भी हो रही है.