मोदी सरकार का मदरसों पर बड़ा फैसला, मौलाना ने दिया रिएक्शन

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नरेंद्र मोदी जब दुबारा देश के प्रधानमंत्री चुनकर के आये तब उन्होंने एक नया नारा दिया ‘ सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास’. इसी के साथ आगे बढ़ते हुए मोदी सरकार ने एक और फैसला लिया है जो मदरसों को बहुत ही बड़े स्तर पर प्रभावित करने वाला है. मोदी सरकार अब मदरसों को अपनी राष्ट्रीय शिक्षा नीतियों से जोड़ने की तैयारी में है और इसके बारे में केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने खुद पूरी जानकारी दी है. इसके बाद से मुस्लिमो में कुछ मिलीजुली प्रतिक्रिया है क्योंकि अभी तक बाते एकदम पूरी तरफ से साफ़ नजर आ नही रही है.

शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ेंगे मदरसे
मदरसों में आम तौर पर कई सदियों पुरानी पढ़ाई होती है और ज्यादा फोकस धर्म आदि पर ही किया जाता है लेकिन अब सरकार इसमें बदलाव करके मदरसों को मूल धारा में लाने का प्रयास करेगी जिसके तहत मदरसों को राष्ट्रीय शिक्षा नीतियों से जोड़ा जाएगा ताकि मुस्लिम बच्चे जो मदरसों में पढ़ते है उन्हें आज के वक्त की शिक्षा मिल सके. उन्हें कंप्यूटर और इंग्लिश आदि के बारे में शिक्षित करने के प्रयास किये जायेंगे.

इससे होंगे एक नही कई फायदे
अगर विद्वानों की माने तो मदरसों में सरकार का प्रभाव बढ़ता है तो इससे काफी ज्यादा फायदा है क्योंकि मदरसों में अक्सर बहुत ही पीछे के समय की शिक्षा मिलती रही है. कट्टरता फैलाने के आरोप भी लगते है लेकिन अगर इन राष्ट्रीय शिक्षा की धारा से जोड़ा जाए तो मुस्लिम बच्चो को एक नार्मल स्कूल जैसा माहौल मिलने के चांस ज्यादा बनते है और ये देश के लिए अच्छा है.

मौलाना ने किया धन्यवाद
मौलाना उमर इलियासी ने मोदी सरकार के इस कदम पर काफी ज्यादा ख़ुशी जताई है. वो कहते है कि ये वक्त धर्म के आधार पर लड़ने का नही है बल्कि शिक्षा लेने का, ट्रेनिंग लेने का और देश का विकास करने का है. हम मुस्लिमो को पहले तक सिर्फ वोट बैंक के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा लेकिन अब मैं अल्पसंख्यक मंत्री को धन्यवाद देता हूँ जो उन्होंने ये सब सोचा. आपने हमारा भरोसा बढ़ाया है.