बीजेपी और जेडीयू अगले बिहार चुनाव में साथ लड़ेगी या नही? इस पर बड़ा फैसला आया है

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जिस तरह का माहौल पिछले कुछ माह से जदयू और बीजेपी के बीच में बना हुआ था उसके बाद से इस बात को लेकर के काफी ज्यादा कयास लग रहे थे कि कही नीतीश कुमार मोदी से मुंह न फेर ले और अगर ऐसा होता है तो ये राजद जैसी पार्टियों के लिये बहुत बड़ी खबर हो सकती थी या फिर कह सकते है कि उनके लिए संजीवनी साबित हो सकती थी लेकिन ऐसा हुआ नही है. हाल ही में जेडीयू की कार्यकारिणी समिति ने एक मीटिंग की थी जिसमे इस बात पर भी सारी चर्चा हुई कि पार्टी को अगला बिहार का विधानसभा चुनाव किस तरह से लड़ना है?

बीजेपी और जदयू साथ साथ
इस मीटिंग में साफ़ किया गया कि चाहे कुछ भी हो मगर जेडीयू बिहार में तो एनडीए का हिस्सा रहेगी ही रहेगी. 2020 का अगला विधानसभा चुनाव बीजेपी के साथ मिलकर के लड़ा जाएगा. नीतीश कुमार ने खुद पूरी बात साफ़ करते हुए कहा ‘ इस बात को लेकर के किसी भी बात का भ्रम न रखे. हम लोग एनडीए में है और उसी में रहेंगे, 2020 का बिहार लोकसभा विधानसभा चुनाव साथ मिलकर के ही लड़ा जाएगा.’

हालांकि बिहार के अलावा जिन इजिन राज्यो में जेडीयू अपना विस्तार करना चाह रही है उन राज्यों में चुनाव अकेले लड़ा जायेगा. इन राज्यों के नाम दिल्ली, जम्मू कश्मीर, झारखंड और जम्मू कश्मीर है. नीतीश कुमार का दावा है कि यहाँ पर हम अच्छा खासा वोट शेयर हासिल कर मजबूत स्थिति दर्ज करवाएंगे. नीतीश कुमार का ये फैसला अपने आप में एनडीए के लिए एक संजीवनी की तरह है क्योंकि पिछले काफी समय से जिस तरह से आरोप प्रत्यारोप बीजेपी और जदयू के नेताओं के बीच लग रहे थे उसके बाद में इस बात की उम्मीद कम थी कि अब ये दोनों पार्टियां एक साथ रही थी.

पहले दोनों पार्टियाँ लगा रही थी एक दूसरे पर आरोप
मामला तब शुरू हुआ जब जेडीयू ने अपने 16 लोकसभा सीट्स की एनडीए में हिस्सेदारी के आधार पर केंद्र सरकार में दो मंत्री पदों की मांग की लेकिन बीजेपी सिर्फ एक देने को तैयार थी. इसके बाद दोनों के बीच हल्का मनमुटाव हुआ. इसी बीच बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार को दिखावटी कह दिया जिसके बाद अमित शाह ने बीच में पड़कर मामला शांत करवाया और अब मामला शांत है.