सिद्धू पर संकट, अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू के पर कतरे

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अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच की जंग और तकरार दिन ब दिन बढती ही चली जा रही है और अब तो इस हद तक चली गयी है कि पंजाब के मुख्यमंत्री साफ तौर पर सिद्धू से अलग रास्ते कर चुके है और अभी हाल ही के एक फैसले से ये बात साफ़ भी हो जाती है. दरअसल अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू से स्थानीय निकाय विभाग से हटा दिया है और मुख्यमंत्री के इस फैसले की सिफारिश राज्यपाल तक भी चली गयी है जिसके बाद सिद्धू के राजनीतिक करियर पर संकेत मंडराने लगे है.

नवजोत सिंह सिद्धू को क्यों निकाला? दरअसल आज यानि तारीख 6 जून 2019 को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कैबिनेट की एक बैठक बुलाई थी जिसमे सिद्धू नही गये. ये मुख्यमंत्री के आदेश की अवहेलना थी और ऊपर से सिद्धू ने मीडिया में जाकर के पंजाब कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा ‘ मैं एक अच्छा परफॉर्मर हूँ तो सिर्फ मुझपर एक्शन क्यों लिया जा रहा है?’

अब इन सबके बीच में ये साफ़ नही है कि सिद्धू को स्थानीय निकाय से पहले निकाला गया या फिर उनके मीडिया में आकर इस तरह की बयानबाजी के बाद अमरिंदर सिंह ने उन्हें ये सजा दी है. हालाँकि सिद्धू अभी भी केबिनेट मंत्री तो बने रहेंगे लेकिन स्थानीय निकाय विभाग चले जाने से उनके हाथ से काफी सारी पॉवर छीन ली गयी है और इसके जरिये वो लोकप्रियता बना सकते थे वो भी चांस खत्म हो गये है जो बताता है अब कांग्रेस में सिद्धू बैकफुट पर धकेल दिए गये है.

खतरे में सिद्धू का करियर जिस तरह से सिद्धू कैप्टन अमरिंदर सिंह से उलझ रहे है वो उनके लिए ही घातक साबित हो रहा है क्योंकि अमरिंदर सिद्धू से बड़े कद के नेता है, मुख्यमंत्री है और लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को सीट्स जिताने का श्रेय भी उन्हें ही मिला है तो ऐसे में अगर अमरिंदर का खेमा और उनके विधायक ये ठान ले कि सिद्धू कांग्रेस में न रहे तो वो चाहकर के भी पंजाब कांग्रेस में तो नही रह पायेंगे.