अखिलेश पर बरसी मायावती, टूट सकता है सपा बसपा का गठबंधन

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भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश में बढ़ते हुए प्रभाव को रोकने के लिये यूपी की दो सबसे बड़ी पार्टियाँ सामने आयी और ये थी सपा और बसपा. लोकसभा चुनाव से कुछ ही समय पहले अखिलेश और मायावती ने हाथ मिलाया और मिलकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया. सभी को एक बार के लिये लगा कि बीजेपी पर ये महागठबंधन भारी पड़ेगा लेकिन ऐसा नही हुआ और यूपी में बीजेपी ने कुल 62 सीट्स हासिल कर ली जो अपने आपमें ऐतहासिक थी और महागठबंधन फेल साबित हुआ.

मायावती ने मीटिंग में अखिलेश की बुराई की 
लोकसभा चुनावों में संतोषजनक परिणाम न मिलने के बाद बसपा ने दिल्ली में एक चुनावी समीक्षा के लिए मीटिंग बुलायी थी और इस मीटिंग में मायावती ने जमकर अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी को कोसा है. सूत्रों के मुताबिक़ मायावती ने मीटिंग में कहा है और माना है कि उन्हें इस गठबंधन से कोई भी फायदा नही हुआ है. सपा ने इस गठबंधन के खिलाफ काम किया है और न ही उम्मीद के मुताबिक़ कोई भी परिणाम भी नही मिल मिला है.

टूट सकता है गठबधन जब सपा बसपा का गठबंधन
जिस तरह से बसपा की मीटिंग में मंथन हुआ है उसके बाद एक बात तो साफ़ हो गया है कि न तो मायावती और बसपा के नेता इस गठबंधन से खुश है और न ही उन्हें लगता है कि इस गठबंधन से उन्हें सपा का वोट ट्रान्सफर हुआ है तो ऐसे में संभावना है कि जल्द ही ये गठबंधन टूट भी जाये और इसके बारे में पीएम मोदी पहले ही कह चुके है कि 23 मई के बाद सब अलग हो जायेंगे और ठीक वही फिर से हो रहा है.

हालांकि अभी तक अखिलेश यादव ने इस पर कोई भी प्रतिक्रिया नही दी है मगर मायावती ने जिस तरह का रूख हार के बाद अख्तियार किया है उसके बाद अखिलेश यादव को पार्टी और परिवार के खिलाफ जाकर बुआ से गठबंधन करने पर अफ़सोस तो जरुर होने वाला है.