ममता ने बीजेपी के झंडे वाले ऑफिस का ताला तोड़ उस पर कब्जा किया, दावा ‘पहले ये हमारा था’

65

बंगाल में राजनीति दिन ब दिन बेहद ही तीखी होती जा रहे है और इस तकरार में मानो जान की तो कोई कीमत ही नही रह गयी है लेकिन अब राजनीति इस स्तर पर पहुँच गयी है कि एक मुख्यमंत्री पार्टी दफ्तरों की खींचतान में सड़क पर उतर आयी है. ये पूरा मामला उत्तर 24 परगना का है जहाँ पर ममता बनर्जी देर रात को एक बिल्डिंग के पास पहुँची. चुनाव चिन्ह और झंडे से वो फ़िलहाल बीजेपी का दफ्तर नजर आ रहा था जिसका ताला उन्होंने खुद तुड़वाया. यही नही इसके बाद ममता बनर्जी ने बीजेपी के कमल के निशान को धूमिल करके वहाँ पर अपनी तृणमूल पार्टी का चुनाव चिन्ह बना दिया.

क्या है ममता का दावा
ममता बनर्जी का दावा है कि इस जगह पर पहले बीजेपी का नही बल्कि टीएमसी का दफ्तर था लेकिन चुनाव के दौरान बीजेपी ने इस दफ्तर पर कब्जा कर लिया था जिसके चलते मुझे आकर के ऐसा करना पडा है. ममता बनर्जी जब इस दफ्तर पर कब्जा कर रही थी तब वो काफी गुस्से में भी थी और आस पास मौजूद पुलिस वालो को फटकार लगा रही थी.

बीजेपी ने भी दी प्रतिक्रिया
ममता बनर्जी की इन हरकतों को बीजेपी ने सोशल मीडिया बीजेपी ने बेहद ही अलोकतांत्रिक बताया है और उनका कहना है कि बेहद ही अलोकतांत्रिक तरीके से ये दफ्तर उनसे हडपा गया है. वही बीजेपी के नेता बाबुल सुप्रियो ने ममता बनर्जी को गेट वेल सून कहकर उनके स्वस्थ होने की कामना की है. बीजेपी के नेता दिलीप घोष का भी यही कहना है कि ममता बनर्जी अपना मानसिक संतुलन खो बैठी है.

कौन है सही?
इस बात को अभी तक कोई भी प्रमाणित नही कर पाया है कि यहाँ पर पहले दफ्तर कौन चलाता था? मगर पार्टी दफ्तर आम तौर पर किराये की जगह पर ही चलते है तो ये बदलते रहते है ऐसे में बिना किसी केस को रजिस्टर किये या कोर्ट की प्रक्रिया को पूरा किये बिना जिस तरह से ये कब्जा करना आदि चल रहा है वो बंगाल में लोकतंत्र की खस्ता हालत को दिखाता है.