अजीत डोभाल को मोदी ने उनकी ईमानदारी और काम का इनाम दे दिया है

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भारत के जेम्स बॉन्ड कहे जाने वाले अजीत डोभाल के अगर आप भी प्रशंसक है तो एक बड़ी खबर आयी है. दरअसल अजीत डोभाल का कार्यकाल मोदी सरकार के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के तौर पर खत्म होने वाला था लेकिन इसे आप एक तरह से कह सकते है रिन्यू कर दिया गया है और उनके कार्य को 5 साल का और विस्तार मिल गया है यानि अगले 5 वर्षो के लिये फिर से अजीत डोभाल भारत के प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के तौर पर काम करेंगे. इसके अलावा भी उन्हें एक और चीज मिली है जिसे आप इनाम भी कह सकते है.

अजीत डोभाल को केबिनेट रैंक का दर्जा भी मिला है, इसे आप केबिनेट मंत्री का समकक्ष या फिर कैबिनेट मिनिस्टर ही कह सकते है, यानि अब अजीत डोभाल की हैसियत अब सिर्फ एक सलाहकार की नही बल्कि एक कैबिनेट मंत्री के लेवल की होगी. इसके अलावा अजीत डोभाल को जेड प्लस सुरक्षा मिली हुई है क्योंकि वो कई ऑपरेशन अंजाम दे चुके है जिसके चलते उन्हें और उनके करीबियों को जान का खतरा हमेशा ही बना रहता है.

अजीत डोभाल पीएम मोदी के सबसे करीबी और उनके विश्वासपात्र रहे है. सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर एयर स्ट्राइक जैसे बड़े बड़े फैसलों में अजीत डोभाल का भी काफी बड़ा हाथ था और कही न कही इन सबके पीछे उनका एक्सपीरियंस और उनका दिमाग हमेशा ही मोदी सरकार के लिए मददगार रहा है. यही नही देश के भीतरी हिस्से में 5 वर्षो में एक भी बड़ी आतंकी घटना न होने देने का श्रेय भी अजीत डोभाल को ही दिया जाता है.

अजीत डोभाल पीएम मोदी के लिये पोलिटिकली भी काफी फायदेमंद साबित हुए है जब उन्होंने अपनी नीति के जरिये क्रिश्चियन मिशेल जैसे बिचौलिये को दुबई से भारत लाकर गाँधी परिवार के खिलाफ एक गवाह खड़ा कर दिया था. यही कुछ चीजे है जो मोदी और डोभाल को एक करण अर्जुन टाइप की जोड़ी बनाती है और देखना यही होता है कि अगले 5 वर्षो में ये देश को किस तरफ ले जाती है?