सरकार में नही मिली जगह, नीतिश कुमार ने लिया पीएम मोदी से बदला

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नरेंद्र मोदी सरकार ने शपथ ले ली और शपथ लेने के कुछ ही समय के बाद में सभी मंत्री अपने अपने काम पर लग गये है. सरकार में सभी घटक दलों को भी भूमिका देने की कोशिश की गयी और मंत्री बने लेकिन जदयू के साथ में बीजेपी की नही बन सकी. दरअसल बीजेपी ने जदयू को 1 मंत्री पद दिया था लेकिन नीतीश कुमार और उनकी पार्टी ने एक से अधिक पद मांगे थे. ऐसे में नीतीश कुमार ने सरकार के इस प्रस्ताव को ही ठुकरा दिया और कहा हमें सांकेतिक भागीदारी की जरूरत नही है, भागीदारी सीटो के हिसाब से होनी चाहिए जिसके लिए नरेंद्र मोदी राजी नही थे.

इसके बाद जदयू सरकार से अलग हो गयी हालाँकि वो एनडीए के भागीदार बने रहेंगे. अब सभी को लगा कि मामला सुलट गया है लेकिन ऐसा नही हुआ. नीतीश कुमार ने इस शपथ ग्रहण के कुछ ही समय बाद इसका आगाज भी कर दिया. दरअसल बिहार सरकार में मंत्रीमंडल विस्तार किया गया है जिसमे भारतीय जनता पार्टी भी भागीदार है.

नीतीश कुमार के मंत्रीमंडल में कुल 8 नये मंत्री शामिल किये जा रहे है और आश्चर्य की बात है कि बीजेपी की सत्ता में भागीदारी होते हुए भी नीतीश कुमार ने एक भी भाजपा विधायक को मंत्रीमंडल में जगह नही है. हालांकि नीतीश कुमार की पार्टी ने सफाई देते हुए कहा है कि ये सारे मंत्री जदयू के कोटे से बनाये जा रहे है तो इसमें खुन्नस जैसी कोई भी बात नही है

जबकि विपक्ष को बैठे बिठाए मौक़ा मिल गया है और वो जेडीयू और बीजेपी के बीच में आग लगाने की भरपूर कोशिश कर रहे है ताकि बिहार में राजद जैसी पार्टियों को उभरने के लिए जगह मिल सके. अब ये ऐसा समय है जब भारतीय जनता पार्टी को एनडीए को बांधने के लिए फिर से चाणक्य की जरूरत आन पड़ी है.