वो 3 बड़े काम जिन्हें करने के लिये अमित शाह का गृह मंत्री बनना जरूरी था

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देश में नरेंद्र मोदी की सरकार बनी है और सभी मंत्रियो को उनके कार्यभार भी दे दिए गये है. ऐसे में देश में दूसरे सबसे शक्तिशाली नेता अमित शाह बने है क्योंकि वो वो देश के गृह मंत्री है. अमित शाह के पास में पुलिस और आंतरिक सुरक्षा के सम्बन्ध में सारे निर्णय लेने का अधिकार होगा और उनके इस पद पर होने के पीछे के कुछ एक मकसद है जिन्हें शायद अमित शाह के अलावा और कोई कर भी नही सकता है.

बंगाल में लॉ एंड आर्डर पश्चिम बंगाल
में लॉ एंड आर्डर एक बड़ी समस्या रहा है और वहाँ की राज्य सरकार के द्वारा शासन शक्ति का दुरूपयोग किया गया है चाहे वो बीजेपी कार्यकर्ताओं की जान लेने के सम्बन्ध में ही क्यों न हो? ऐसी स्थिति में अमित शाह गृह मंत्रालय की पॉवर की मदद से वहाँ पर मौजूद इनोसेंट लोगो को राज्य सरकार द्वारा संरक्षित गुंडों से कही न कही बचा सकते है. ये काम हर व्यक्ति के बस का नही है.

राम मंदिर और धारा 370
राम मंदिर का मसला अपने अंतिम चरण में है. सुप्रीम कोर्ट मध्यस्थता पर काम काम कर रहा है और संभव है इन एक दो वर्षो में हल निकल आये और तब भी कोर्ट हथियार डाल दे तो ऐसे में बिल लाना और यूपी में लॉ एंड आर्डर को मेंटेन करते हुए निर्माण करने के लिए न सिर्फ बीजेपी को एक कद्दावर होम मिनिस्टर के सपोर्ट की जरूरत थी बल्कि अमित शाह जैसे नेता को इसका क्रेडिट भी लेना ही है. इसके आलावा राज्य सभा में बीजेपी को 2021 में पूर्ण बहुमत मिल जाएगा तब भी कश्मीर में लॉ एंड आर्डर मेंटेन करने के लिए अमित शाह का चाणक्य दिमाग चाहिये होगा क्योंकि संभव है तब इसे खत्म करने के लिए बिल लाया जाये.

अर्बन नक्सल, नक्सल और स्लीपर सेल्स
फ़िलहाल देश में नक्सलियों ने काफी लम्बा चौड़ा जाल ग्रामीण क्षेत्रो में फैला रखा है. अर्नब नक्सल उनके लिए शहर से ही फंडिंग जैसी व्यवस्था देखते है और बाहरी ताकते स्लीपर सेल्स की मदद से देश में घुसपैठ की कोशिश में लगी रहती है. ऐसे केसेज में अमित शाह का बेकग्राउंड काफी जबरदस्त है चाहे सोहराबुद्दीन का एनकाउंटर हो या इशरत जहाँ एनकाउंटर हो हर केस में अमित शाह ने अपनी डेरिंग दिखाई है. बीजेपी के नये गृहमंत्री से ऐसी ही डेरिंग अब शायद नेशनल लेवल पर भी देखने को मिलने वाली है.