चुनाव से पहले TIME मैगजीन ने लिखा था मोदी को ‘डिवाइडर इन चीफ’, अब अचानक भाषा बदल गयी

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नरेंद्र मोदी विश्व नेता बन चुके है और उनके बारे में दुनिया भर में आर्टिकल्स छपते रहते है. कई बार उनके कामो की तारीफ़ होती है तो कभी कबार कुछ वजहों के चलते उन्हें आलोचना भी झेलनी पड़ जाती है. चुनाव से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ में ठीक ऐसा ही कुछ हुआ और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गयी. विश्व की प्रतिष्ठित मैगजीनो में से एक मैगजीन ‘टाइम’ ने नरेंद्र मोदी को मई के महीने में अपनी मैगजीन का कवर बनाया था. इस कवर में उन्हें हीरो नही बल्कि विलेन दिखाया गया.

उन्हें ‘डिवाइडर इन चीफ’ कहा गया. प्रधानमंत्री मोदी के लिए ऐसे विवादित शब्दों के इस्तेमाल के बाद भारत में टाइम की काफी ज्यादा आलोचना भी की गयी. बादमे सामने आया कि इस स्टोरी को ‘आतिश तासीर’ ने कवर किया है जिनके पिता पाकिस्तानी मूल के थे. इसके बाद आतिश तासीर पर मुल्क और मजहब के आधार पर भारत को मैगजीन के जरिये बदनाम करने के भी खूब आरोप लगे मगर वक्त के साथ सब लोग भूल गये.

अब नरेंद्र मोदी एक बार फिर से देश में फुल मेजोरिटी के साथ चुनाव जीतकर के आये है और इसके बाद एक बार फिर से ‘टाइम’ ने उनपर एक आर्टिकल पब्लिश किया है. अब ‘टाइम’ नरेंद्र मोदी के बारे में वर्णन करते हुए लिखता है ‘नरेंद्र मोदी ने देश को उस तरह से एक सूत्र में पिरोया है, एक साथ जोड़ा है जैसा दशको से कोई भी एक प्रधानमंत्री नही कर पाया.’ ये आर्टिकल मनोज लडवा के द्वारा लिखा गया है जो मनोज लडवा के द्वारा लिखा गया है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर के तारीफ़ की गयी है.

अब सवाल ये उठता है कि सिर्फ कुछ डेढ़ महीने भर में टाइम का स्टैंड नरेंद्र मोदी को लेकर के कैसे चेंज हो सकता है? या फिर ये सिर्फ आतिश तासीर और मनोज लडवा की विचारधारा का फर्क भर था? अगर ऐसा है तो ये ‘टाइम’ की क्रेडिबलिटी को खराब करने वाला है जब लोग या पत्रकार महज अपनी विचारधारा का प्रोपोगेन्डा थोपने के लिये ‘टाइम’ जैसे प्रतिष्ठित मंच का इस्तेमाल करेंगे.