मुश्किल में राजस्थान की कांग्रेस सरकार, मुख्यमंत्री गहलोत के खिलाफ बगावत

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जब से लोकसभा चुनावों के रिजल्ट आये है तब से कांग्रेस शासित राज्यों में और उनकी सरकारों में खलबली सी मच गयी है और इनमे दो नाम मध्य प्रदेश और राजस्थान के भी जुड़े है. राजस्थान में कांग्रेस ने पिछले विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की थी और गहलोत मुख्यमंत्री बने. अब उनपर ये जिम्मेदारी थी कि वो राज्य में कांग्रेस को लोकसभा चुनावों में जीत दिलवाये लेकिन वो इसमें कामयाब नही हो पाए और इसमें कही न कही उनके पुत्र मोह को सबसे ज्यादा दोष दिया जा रहा है.

पार्टी में सचिन पायलट का खेमा तो पहले से ही इस मौके की ताक में था मगर अब गहलोत के विश्वस्त नेता और यहाँ तक कि राहुल गांधी खुद भी अशोक गहलोत से बेहद ही नाराज हो रहे है और राजस्थान की बीजेपी इस मौके का फायदा उठाने से चूक नही रही है जो अशोक गहलोत की मुश्किले दुगुनी कर दे रहा है.

पुत्रमोह के आरोप
अशोक गहलोत पर आरोप लगे है कि उन्होंने अपने बेटे वैभव गहलोत को चुनाव जितवाने में ही पूरी पार्टी की मशीनरी का उपयोग कर लिया जिस वजह से जो सीट्स जीती जा सकती थी उनसे भी कांग्रेस को हाथ धोना पड़ा. राजस्थान से बीजेपी को सारी की सारी 25 लोकसभा सीटे मिल गयी है. कृषि मंत्री मीणा समेत कई नेताओं ने तो अपने पद से इस्तीफा तक देने की बात कर दी है जो गहलोत सरकार को तोड़ने जैसी बात है.

राहुल गांधी भी है नाराज
राहुल गांधी ने तो ख़ास तौर पर गहलोत को सीडब्लूसी की मीटिंग में टारगेट करते हुए कहा था कि इनके पुत्रमोह के चलते हमारी पार्टी को हार का सामना करना पडा है. जब अपनी सफाई पेश करने के लिए अशोक गहलोत राहुल गांधी से मिलने के लिए पहुंचे तो राहुल ने मिलने तक से भी मना कर दिया. हालाँकि बादमे प्रियंका उनसे मिली लेकिन राहुल गहलोत से बुरी तरह खफा है.

बीजेपी का दावा, हमारे संपर्क में कांग्रेस के विधायक
अभी कांग्रेस अपनी आंतरिक समस्याओं से उबर भी नही पा रही थी कि राजस्थान बीजेपी के नेता ज्ञानदेव आहूजा ने दावा कर दिया कि कांग्रेस के 20-25 विधायक हमारे संपर्क में है जो वर्तमान सरकार से नाखुश है. अगर ऐसा है तो गहलोत सरकार अल्पमत में आ सकती है और राजस्थान में कांग्रेस की सत्ता भी ढह सकती है.