अरुण जेटली ने सरकार गठन से पहले लिखा नरेंद्र मोदी को पत्र, सामने रखी अपनी इच्छा

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इन लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत मिल चुका है और पार्टी अपने घटक दलों के साथ में 30 तारीख को सरकार का गठन करने जा रही है. इसमें देश के कई बड़े बड़े नेताओं को और आस पास के देशो के राष्ट्राध्यक्षो को भी बुलाया गया है. मगर इस बार शपथ से एक दिन पहले अरुण जेटली ने अपना पत्र सार्वजनिक कर थोड़ी सी खलबली मचा दी है. अरुण जेटली के बारे में अगर आपको मालूम हो तो वो पिछली सरकार में वित्त मंत्री रहे थे और उनकी परफॉरमेंस को देखते हुए उन्हें फिर से मंत्री पद मिलने के आसार भी थे.

इन सबसे परे जाते हुए अरुण जेटली ने मोदी जी से खुदको किसी भी तरह का पद देने से मना किया है और कहा है मुझे सरकार में जगह न दी जाये. इसका पूरा विवरण उन्होंने ट्विटर पर शेयर किये हुए अपने एक पत्र में दिया है, चलिये जानते है पत्र में ऐसा क्या लिखा है?

अरुण जेटली लिखते है(संक्षेप में समझाने का प्रयास) ‘ मेरे लिए ये बहुत ही सम्मान और सौभाग्य का विषय था कि मैं आपके नेतृत्व वाली सरकार में 5 साल तक कार्यरत रहा.यहाँ तक कि पहले भी पार्टी ने मुझे कई जिम्मेदारियों से नवाजा था लेकिन अब पिछले 18 महीने से मैं गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से गुजर रहा हूँ, जिसके चलते मैं अपना समय और ध्यान अपनी सेहत पर केन्द्रित करना चाह रहा हूँ. मेरी आपसे प्रार्थना है कि इस सरकार में मुझे कोई भी जिम्मेदारी न दी जाये. मुझे मेरी सेहत के लिए योग्य समय की जरूरत है.’

अरुण जेटली द्वारा लिखा गया ये पत्र पढकर के साफ़ हो जाता है कि वो जिस तरह से कैंसर जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहे है और उनका इलाज चल रहा है तो ऐसे में वो सरकार का हिस्सा नही बनेंगे. इसके बाद कयास लगाये जा रहे है कि अरुण जेटली की जगह पीयूष गोयल को देश का वित्त मंत्री बनाया जा सकता है क्योंकि वो इकोनॉमिक्स के अच्छे जानकार तो है ही बल्कि साथ ही साथ उन्होंने पूर्व रेल मंत्री के तौर पर भी अच्छे से अपने कामो का निर्वहन किया था.