मोदी और आडवाणी ने वीर सावरकर को किया जयंती पर नमन, कांग्रेस ने किया अपमान

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आज तारीख 28 मई है और ये तारीख याद दिलाती है वीर सावरकर की जो अंग्रेजो के खिलाफ भारत के लिए इस मातृभूमि के लिए लड़ते रहे और अंडमान निकोबार की सेल्यूलर जेल में अपनी जिन्दगी का एक लम्बा अरसा गुजारा. उनकी जयंती के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें याद किया और उनके सम्मान में प्रधानमंत्री के तौर पर एक ट्वीट भी किया. वो लिखते है ‘हम वीर सावरकर के सम्मान में झुकते है. उनके साहस, देशभक्ति और प्रतिबद्धता ने देश को सशक्त बनाने का काम किया. उन्होने खुदको राष्ट्र के निर्माण के लिए समर्पित कर दिया.’

नरेंद्र मोदी के अलावा अमित शाह ने भी इसी तरह से ट्वीट करते हुए बताया कि सावरकर कितने वीर थे और वो तुष्टीकरण की राजनीती के विरोधी थे. तमाम संघ से जुड़े नेता आज उनकी जयंती के अवसर पर काफी मगन थे मगर कांग्रेस ने यहाँ पर भी विघ्न डाल दिया.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल का सावरकर पर बयान
कांग्रेस के नेता और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिवंगत वीर सावरकर को टारगेट करते हुए कहा ‘ सावरकर ही थे जिन्होंने हिन्दू और मुस्लिम राष्ट्र की नींव सबसे पहले रखी, जिन्ना ने बाद में उसे आगे बढ़ाया.’ इसी के साथ भूपेश बघेल ने सावरकर की तुलना देश तोड़ने वाले जिन्ना से कर दी. अब भूपेश बघेल को तो सिर्फ कहना भर ही था मगर उन्हें जवाब सुनना भी तो बाकी था जो बीजेपी की तरह से बखूबी मिला.

जब बीजेपी ने जमकर दिया बघेल को सावरकर पर जवाब
गिरिराज सिंह ने भूपेश बघेल को जवाब देते हुए कहा ‘जो भी लोग सावरकर की वीरता पर सवाल उठाते है चाहे वो राहुल गाँधी हो या बघेल हो सबको एक बार अंडमान की जेल में होकर आना चाहिए, अगर उन्होंने वहां एक भी रात बिताई होती तो वो ऐसा नही बोलते.’ शाहनवाज हुसैन ने भी भूपेश बघेल के इस बयान का कठोरता के साथ जवाब दिया और संघ विधारक और जाने माने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर राकेश सिन्हा ने भी बघेल को जवाब दिया, उन्होंने कहा ‘ सावरकर तो अखंड भारत की सोच रखते थे, उन्होंने तो द्विराष्ट्र जैसी थ्योरी से जोड़ा भी नही जा सकता है, उनके साथ ऐसा करना सावरकर का अपमान नही है बल्कि जिन्ना का महिमामंडन है.’