अशोक गहलोत, कमलनाथ और चिदम्बरम पर भड़के राहुल गाँधी, छिन सकती है कुर्सियाँ

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कांग्रेस पार्टी अपनी राजनीति के सबसे बुरे दौर में जा फंसी है और सारा का सारा दारोमदार राहुल गांधी पर डाल दिया गया है. 2019 के लोकसभा चुनावों में करारी हार के बाद में कांग्रेस कमिटी की बैठक हुई और बैठक में जाकर के राहुल गांधी ने तो अपना इस्तीफा ही पटक दिया. अब इसके पीछे पार्टी में उनकी न सुनी जाना हो या फिर आत्मग्लानि हो लेकिन उनका इस्तीफा कमिटी ने नामंजूर कर लिया. इन सबके बीच राहुल गांधी पार्टी के कुछ नेताओं पर जमकर भड़के जिनमे सबसे पहले तीन नाम राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता चिदाम्बरम है.

राहुल गांधी ने इन पर आरोप लगाये कि ये अपने बेटो को पार्टी से पहले रखते है. इन्होने पार्टी के बारे में नही सोचा, सिर्फ और सिर्फ अपने बेटे के लिए सोचा. आपको बता दे कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ को लोकसभा चुनाव लडवाया था, अशोक गहलोत ने भी अपने बेटे वैभव गहलोत को जोधपुर से लोकसभा चुनाव लडवाया था और पी चिदम्बरम के बेटे पर तो शुरू से ही कई सारे घपले के आरोप लग रखे है.

कमलनाथ के बेटे जीत तो गये और गहलोत के बेटे हार गये लेकिन इससे कांग्रेस पार्टी को कई सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है, जैसे इन दोनो को जिताने में ही पार्टी की अधिकतर मशीनरी को लगा दिया गया जिससे बाकी सीटो पर फोकस ही नही दिया जा सका. इसके अलावा वंशवाद जैसे आरोप लगे जिसके चलते लोगो का मोहभंग हुआ और राहुल गाँधी ने इस बात को भी माना कि उनकी इच्छा के विरुद्ध कई जगहों पर बड़े नेताओं के दबाव में टिकट का वितरण हुआ है. आपको पार्टी को पहले रखने की जरूरत है जबकि आप परिवार पहले रखते है.

हालांकि राहुल को सोशल मीडिया पर इसके लिए खूब ट्रॉल्लिंग का सामना करना पडा है क्योंकि राहुल खुद वंशवादी राजनीति की ही उपज है. अभी राहुल ने संगठन में भी काफी फेरबदल के अधिकार अपने पास ले लिए है और ऐसे में इन नेताओं की कुर्सियों पर ख़तरा मंडराने लगा है.