रिजल्ट से पहले ईवीएम गड़बड़ी का डर लेकर विपक्ष चुनाव आयोग के पास पहुँचा

119

लोकसभा चुनावों का रिजल्ट आने में अब महज 24 घंटे ही बचे है और इससे ठीक पहले ही विपक्ष ने ऐसा कुछ किया है जिससे उनकी हार का डर साफ़ नजर आने लगा है. दरअसल विपक्ष की 22 पार्टियों के नेताओ ने एक मीटिंग की जिसमे उन्होंने आशंका जताई कि ईवीएम के साथ गड़बड़ी की जा सकती है या फिर उसे बदला जा सकता है. इसलिए उन्होंने चुनाव आयोग से मिलकर के उन्हें ज्ञापन सौंपा जिसमे उन्होंने सारी की सारी वीवीपैट की पर्चियों की भी गिनती की मांग की है.

ये मांग लेकर के विपक्षी दल पहले सुप्रीम कोर्ट में भी जा चुके है लेकिन उनकी मांग को अवैध मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को ठुकरा दिया था. चन्द्रबाबू नायडू ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा ‘हमने चुनानव आयोग से सिर्फ और सिर्फ जनादेश का सम्मान करने को कहा है, बस इसमें हेरफेर न किया जाए.’

वही बात करे बसपा की तो उनके नेता सतीशचन्द्र मिश्रा ने तो आरोप ही लगा दिया कि उत्तर प्रदेश में ईवीएम में कई जगहों पर धांधली हुई है, साथ ही साथ में उन्होंने केन्द्रीय बलो की तैनाती की मांग भी की है. गुलाम नबी आजाद ने भी ऐसा ही कुछ कहा और अरविन्द केजरीवाल को कुछ ख़ास बोलने का अन्य नेताओं ने मौक़ा ही नही दिया. इसके अलावा बीजेपी से बाहर हो चुके पूर्व बीजेपी नेता उदित राज ने भी ट्वीट करके कहा कि बीजेपी को जो करना था वो कर चुकी है, अब तुम्हारे कहने करने से कुछ नही होगा. सडको पर उतरकर आन्दोलन करना होगा.

विपक्ष की ऐसी परिस्थिति को देखते हुए कुमार विश्वास ने भी उन पर चुटकी लेते हुए उन पर ट्वीट किया और अपने ही अंदाज में उनके मजे लेने लगे. ये पहला मौका नही है जब ईवीएम हैकिंग या फिर बदलने या फिर धांधली के आरोप विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर लगाये हो. सन 2014 से ही भाजपा की मजबूती बढ़ने के बाद से ये आरोपो का दौर शुरू हुआ है.