सोनिया गांधी ने बुलायी 23 को विपक्षी दलों की आपातकालीन बैठक

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19 मई को देश के आम चुनावो का आम चरण भी समाप्त हो जाएगा और पूरे लोकसभा चुनावों का रिजल्ट 23 मई को आने जा रहा है. सभी पार्टियों ने इसे लेकर कमर कसकर तैयार है चाहे वो किसी भी दल से या फिर घटक दल से हो. ऐसे में कांग्रेस भला कैसे पीछे रह सकती है? ऐसे में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने अपने विपक्षी साथियो को पत्र लिखकर के बैठक बुलायी है जिसमे एनसीपी और डीएमके जैसी पार्टियां शामिल है. अब सवाल ये उठता है कि आखिर इस मीटिंग को बुलाने का मकसद क्या है?

तो इसका जवाब सोनिया गांधी द्वारा लिखे गये पत्र में ही मिल जाता है. अगर किसी तरह ये संभावना बनती है की एनडीए बहुमत प्राप्त करने में नाकाम हो जाती है तो यूपीए समर्थन जोड़कर के सरकार बनायेगी और इसके लिए सभी घटक दलों को तैयार रहने के लिये कहा गया है.

हालांकि कांग्रेस के लिए सरकार बना पाना बिलकुल असंभव स्थिति जैसा है क्योंकि एनडीए को छोड़कर देश में सारे के सारे राजनीतिक दल इतने ज्यादा धडो में बिखरे हुए है की एनडीए के सरकार न बना पाने की स्थिति में देश को सरकार मिल पाना ही बेहद मुश्किल है. खैर ये तो आने वाला समय ही बतायेगा कि बुलायी जाने वाली इस मीटिंग के परिणाम क्या निकलते है?

हालाँकि कांग्रेस के रास्ते का सबसे बड़ा काँटा टीआरएस है जो कांग्रेस के खिलाफ सारे घटक दलों को लामबंद कर रहा है ताकि गैर नेशनल पार्टी की सरकार बनाई जा सके जिसमे केवल और केवल क्षेत्रीय दल हो और इस वजह से ये लोग संभव है की सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गयी इस बैठक का हिस्सा भी न बने. हालाँकि बीजेपी अपने सारे कार्य पहले ही पूर्ण कर चुकी है और उन्हें सबसे अधिक पूर्व बहुमत आने का विश्वास है ताकि देश को एक स्थिर सरकार दी जा सके.