केजरीवाल ने कहा ’48 घंटे पहले तक लग रहा था हमारी 7 सीटे आयेगी लेकिन अब..’

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नार्थ इंडिया में दो पार्टियां एक लम्बे वक्त से अस्तित्व में रही हैं और वो है बीजेपी और कांग्रेस. दोनों ही पार्टियां चुनाव भी दम खम के साथ लडती रही है लेकिन राजधानी दिल्ली में इन दिनों में मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया गया है और वो भी महज 5 साल पहले उभरी हुई पार्टी के द्वारा. अरविन्द केजरीवाल की पार्टी आप ने पहले तो दिल्ली की विधानसभा पर कब्जा किया और उसके बाद दिल्ली की 7 सीटो पर भी चुनाव लड़ रही है. दिल्ली के चुनाव 12 मई को हो गये और सारी पार्टियों के उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गयी.

चुनाव से पहले तक तो सभी पार्टियां पूरे कांफिडेंस में थी लेकिन चुनाव बीतते ही दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल का अपनी जीत पर से भरोसा उठ गया है जिसका जिक्र उन्होंने खुद मीडिया को दिये एक जवाब में कहा है और अपनी हार का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ने की कोशिश की है. अरविन्द केजरीवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा ‘चुनाव से 48 घंटे पहले तक हमें लग रहा था कि हम दिल्ली की 7 सीटे पूरी की पूरी जीत रहे है लेकिन आखिरी समय में सारा मुस्लिम वोट कांग्रेस की तरफ चला गया जो लगभग 12 से 13 प्रतिशत है, हम पता करने की कोशिश कर रहे है कि ये कैसे हुआ?’

अरविन्द केजरीवाल इस बात को लेकर के काफी ज्यादा निराश भी है क्योंकि अगर आम आदमी पार्टी यहाँ पर इतना जोर लगाने के बाद भी दिल्ली में लोकसभा की सीट्स नही जीत पाती है तो फिर आने वाले विधानसभा चुनावों में भी इसका असर पड़ेगा और कांग्रेस की बेहतर परफोर्मेंस अरविन्द केजरीवाल के अस्तित्व के लिए खतरा है.

हालाँकि ऐसा नही है कि केजरीवाल सिर्फ दिल्ली से ही लोकसभा में लड़ रहे है उनकी पार्टी ने पंजाब की भी सभी 13 सीटो से अपने अपने प्रत्याशी उतारे है जिनसे उन्हें कुछ सीट्स ला पाने की उम्मीद है. पिछली बार भगवंत मान की जीत केजरीवाल को पंजाब में बेहतर परफॉरमेंस के लिए आश्वस्त करते हुए नजर आती है.