राजपूत व्यक्ति ने दलित को शादी के लिये दी अपनी घोड़ी, पेश की हिन्दू एकता की मिसाल

266

आपने ऐसे किस्से तो कई सुने होंगे जहाँ पर जातिवाद सर चढ़कर के बोलता है और अक्सर ऐसी खबरे आती है कि दबंगों ने किसी दलित को घोड़ी पर चढ़ने नही दिया या फिर इसे लेकर के उसकी पिटाई हो गयी लेकिन अब आपको एक बदलाव की खबर की तरफ लेकर के चलते है जो आपके दिल को सुकून जरुर पहुंचाएगी. ये पूरी घटना भावनगर जिले के वेलावदर गाँव की है जहाँ पर एक दलित व्यक्ति की शादी थी और उसे राजपूत समाज के व्यक्ति ने शादी के लिये अपनी घोड़ी देकर एकता की मिसाल पेश की है.

वेलावदर गाँव में राजपूत समाज के 150, पटेल समाज के 200 और दलित समाज के महज 15 घर है. इस आंकड़े को देखकर के आपको लगा होगा कि यहाँ पर कही दलितों पर अत्याचार तो नही होता है? तो आपका अनुमान यहाँ पर बिल्कुल ही गलत है.

पहले भी दलितों की इस गाँव में शादियाँ होती रही है लेकिन इस तरह से राजपूत समाज के सहयोग से उसे घोड़ी पर बिठाकर बरात शान से पहली बार निकाली गयी है. घोड़ी उपलब्ध करवाने वाले शख्स का नाम दिगराज सिंह गोहिल है जिन्होंने घोड़ी देने के साथ ही साथ में फेसबुक पर लोगो से इसमें किसी तरह का विघ्न न डालने की अपील भी की है. इसके बाद में जिग्नेश नाम के इस दलित युवक की बारात डीजे बजाते हुए पूरे गाँव में शानो शौकत के साथ में निकाली गयी.

सोशल मीडिया पर लोगो ने इस पहल का स्वागत किया है और दिगराज सिंह गोहिल के इस कार्य की जमकर के सराहना की जा रही है क्योंकि नफरत के फैले इस समंदर को बुझाने का काम इसी तरह के छोटे मोटे छींटे ही धीरे धीरे करेंगे और इसकी शुरुआत भावनगर जिले से देखने को मिली हैं.