सिर्फ 4 साल में अमेरिका से सौदा कर भारत में मोदी ले आये घातक अपाचे हेलीकाप्टर

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भारतीय वायुसेना एक लम्बे समय से हथियारों की कमी से जूझ रही है. कभी फाइटर प्लेन की दिक्कत तो कभी हेलीकॉप्टर की. इन्हें पूरा करने में मोदी सरकार बहुत ही जोर शोर से जुटी हुई है. राफेल का सौदा तो तय हो ही गया है और साथ ही साथ में अमेरिका से ‘अपाचे’ हेलीकॉप्टर का सौदा पूरा होने की कगार पर आ गया है. नरेंद्र मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही 2015 में अमेरिका से अपाचे हेलीकॉप्टरो का सौदा किया था जिसके तहत 22 हेलीकॉप्टर भारतीय वायुसेना को मिलने थे. इसके अलावा इस डील में सामान ढोने वाले आधुनिक चिनूक हेलीकॉप्टर भी शामिल थे जो भी भारत को पहले ही सौंप दिए गये है. इस डील की कुल कीमत 2.5 अरब डॉलर है जिसे आप दुनिया की सबसे महंगी डिफेन्स डील्स में से एक मान सकते है.

सारी कागजी कार्यवाही और ट्रेनिंग समेत सब कुछ इन 4 सालो के भीतर हो गया है और भारतीय वायुसेना को पहला अपाचे हेलीकॉप्टर सौंप दिया गया है. इस हेलीकॉप्टर को मुख्य रूप में बनाने का काम बोईंग कम्पनी करती है जिनके द्वारा ही ये भारतीय वायुसेना को सौंपा गया है.

दुनिया भर में इस हेलीकॉप्टर का क्रेज इतना है कि कई हॉलीवुड फिल्मो में भी अपाचे हेलीकॉप्टर के नाटकीय रूपान्तरण को दर्शाया जाता है और अमेरिकी कमांडोज ने लादेन को खत्म करने के लिए भी इसी हेलीकॉप्टर को इस्तेमाल किया था. ये हेलीकॉप्टर काफी निचले स्तर पर उड़ाने भर सकते है जिससे ये रडार की पकड़ में नही आते है और इन पर हथियारो को लादकर काफी अच्छे पिन पॉइंट निशानों के साथ दुश्मन के इलाको की धज्जियां उड़ाई जा सकती है.

ये हेलीकॉप्टर थल सेना को हवाई सुरक्षा देने के भी काम आते है जिससे कि उनकी ताकत कई गुना बढ़ जाती है. इन हेलीकॉप्टरो के भारतीय वायुसेना के पास आने से पाकिस्तान को पीछे खदेड़ा जा सकेगा और भारतीय उपमहाद्वीप में चीन के प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा.