बंगाल में जहाँ बीजेपी की रैली होती है वहाँ टेंट माइक लगाने वालो को मिलती है धमकी

83

बंगाल में लोकतंत्र किस स्तर पर जा पहुँचा है इस बात की जानकारी तो सभी को है. बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं को अपनी जान गंवानी पड़ रही है. कई नेताओं पर हमले होते रहे है और बीजेपी के कई बड़े बड़े दिग्गज नेताओं जिनमे पीएम मोदी खुद भी शामिल है उन्हें भी बंगाल में रैली तो दूर की बात है, बंगाल की जमीन पर उतरने के लिए भी जद्दोजेहद करनी पड़ रही है. बंगाल में हालत इतने बदतर है कि पीएम मोदी भी अपने एक इंटरव्यू में इस बात का जिक्र करते है.

जाने माने पत्रकार सुधीर चौधरी को दिए हुए इंटरव्यू में पीएम मोदी बताते है कि उनकी दो दिन बाद रैली होती है लेकिन बंगाल का प्रशासन उन्हें रैली करने की अनुमति नही देता है. उन्हें इलेक्शन कमीशन के पास जाकर गुहार लगानी पड़ती है तब जाकर के कुछ हो पाता है.

ये सब तो सामने की बाते है पीठ पीछे भी बहुत कुछ होता है. जिस एरिया में रैली होती है उस एरिया में अधिकारी जाकर के टेंट और माइक वालो को जाकर के धमकी देते है कि मोदी या बीजेपी की रैली में कोई भी काम नही करेगा क्योंकि तुम्हे रैली के बाद में भी यही पर ही रहना है. इस तरह की चीजो के चलते बीजेपी को अपने पाँव बंगाल में पसारने में बड़ी दिक्कत आ रही है और इसके पीछे का साफ़ साफ़ कारण ममता बनर्जी और टीएमसी के द्वारा सत्ता का दुरूपयोग किया जाना है.

इन सबके बीच में चुनाव आयोग भी बंगाल में काफी सख्त हुआ है और अतिरिक्त जवानो की तैनाती किये जाने का फैसला किया गया है ताकि लोग निर्भीक होकर के वोट डाले जा सके मगर जो भी काम और धमकियों की प्रणाली परदे के पीछे काम करती है, जिसका जिक्र पीएम मोदी ने किया है उसे रोकने का क्या उपाय है?