सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी ने ‘चौकीदार चोर है’ कहने पर जताया खेद, कहा ‘गर्मी में आकर बोल दिया’

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2019 का लोकसभा चुनाव पूरी तरह से नारों पर आधारित हो चुका है जहाँ पर लगातार और बार बार दोनों ही पार्टियों की तरफ से बयानबाजी हो रही है. नरेंद्र मोदी की तरफ से बार बार कहा जानें लगा कि मैं भी चौकीदार हूँ तो राहुल गांधी और उनके समर्थक बार बार कह रहे थे कि चौकीदार ही चोर है. ये बात तब तक तो ठीक थी जब तक कि दोनों ही पार्टियों के बीच का झगडा था लेकिन राहुल गांधी ने इसमें सुप्रीम कोर्ट को भी घसीटने से परेहज नही किया. मीडीया में बात करते हुए राहुल गांधी ने साफ़ साफ़ कहा ‘सुप्रीम कोर्ट ने मान लिया है कि चौकीदार ही चोर है, राफेल में घोटाला हुआ है.’

राहुल गांधी का ये बयान वायरल हुआ जो बिलकुल फर्जी था जिसके खिलाफ बीजेपी नेता मीनाक्षी लेखी कोर्ट पहुँच गयी तो कोर्ट ने भी राहुल गांधी को तलब किया और राहुल गांधी ने साफ़ साफ़ शब्दों में अपनी सफाई पेश कर दी. राहुल गांधी ने इस बयान के लिए न सिर्फ खेद जताया बल्कि ये भी कहा कि मेने जो भी कहा वो गर्मजोशी में आकर के कह दिया था.  राहुलगांधी ने जो बयान कोर्ट में दिया था वो कुछ इस तरह से है.

मेरा(राहुल गांधी का) बयान राजनीतिक प्रचार की गर्मा में दिया गया था. इसे मेरे राजनीतिक विरोधियो ने ग़लत तरीके से सबके सामने पेश किया है और ऐसा जताया कि मैंने ये कहा हो कि अदालत ने कहा है कि चौकीदार ही चोर है. मैंने तो ऐसा कभी सोचा भी नही था, ये भी साफ़ है कि कोई भी अदालत ऐसा कुछ कभी नहीं कहेगी, इसलिए इस दुर्भाग्यपूर्ण सन्दर्भ के लिए खेद व्यक्त करता हूँ और अब समझा जाए कि अदालत को दिया हुआ कोई निष्कर्ष या टिप्पणी है.

राहुल गांधी ने साफ़ साफ़ तौर पर माना है कि उन्होंने जो भी बोला है वो गलत बोला है. अब बादमे खेद जताने से बेहतर तो यही है कि पहले सोच समझकर के शब्दों का इस्तेमाल किया जाए.