जयाप्रदा पर गलत बयानबाजी करने पर चुनाव आयोग ने लगाया आजम पर बैन, अब बेटे ने निकाली भड़ास

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इन दिनों में अगर कोई नेता सबसे अधिक चर्चा में है तो वो है आजम खान और इसके पीछे की वजह है उन्होंने अपनी प्रतिद्वंदी नेता जयाप्रदा पर घटिया टिपण्णी करते हुए उनके अंतर्वस्त्रो के रंग पता होने तक का दावा किया था, इसके बाद में आजम खान की हर तरफ किरकरी हुई और उन्हें महिला विरोधी और संवेदनहीन करार दे दिया गया. भारतीय जनता पार्टी ने भी देश भर से इस मुद्दे को उठाया. इस बयान के कुछ ही समय के बाद में राष्ट्रीय महिला आयोग ने चुनाव आयोग से सख्त एक्शन लेने की मांग की और चुनाव आयोग ने भी सख्ती से पेश आया. आजम खान के पब्लिक में बोलने पर और किसी भी तरह के प्रचार प्रसार करने पर पूरे 72 घंटे का बैन लगा दिया गया.

यानि अब वो 72 घंटे तक पब्लिक के सामने इस तरह से बेतुके बयान नही दे पायेंगे लेकिन आजम खान की गलती पर शर्मिन्दा होने की बजाय उनके बेटे उन्ही के समर्थन में उतर आये है. आजम खान के बेटे और सपा नेता अब्दुल्लाह आजम खान ने चुनाव आयोग के बैन की भर्त्सना करते हुए कहा ‘चुनाव आयोग ने मेरे पिता को बैन करने से पहले कोई नोटिस तक नही दिया और न ही किसी भी तरह की प्रक्रिया का पालन किया गया, ये सब उनके साथ सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि वो एक मुस्लिम है?’

इस तरह से अब्दुल्लाह ने अपने पिता के अभद्र बयान को जस्टिफाई करते हुए चुनाव आयोग के फैसले को ही धार्मिक रंग दे दिया है जबकि बीजेपी से भी मेनका गांधी और योगी आदित्यनाथ को बैन किया गया है और अगर इस तरह से नेता संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान नही करेंगे तो फिर वो ठीक से काम भी कैसे कर पायेगी?

जयापर्दा का भी यही कहना है कि वो इलेक्शन कमीशन के फैसले से खुश है और आगे भी इन लोगो पर कार्यवाही की जानी चाहिये ताकि दुबारा ऐसे बोल निकालने से पहले दस बार सोचे.