2014 में कांग्रेस के लोगो ने मेरा ब्रेनवाश कर दिया था लेकिन अब मैं मोदी जी के साथ हूँ

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राजनीति में हर क्षेत्र के लोगो की अपनी एक अलग कीमत है ये बात जगजाहिर है. संगीत भी उस क्षेत्र में  से एक है और अगर आप संगीत में रुचि रखते है तो उस्ताद बिस्मिल्लाह खान को तो बखूबी जानते होंगे. भारत रत्न बिस्मिल्लाह खान जिन्होंने देश को शहनाई वादन में एक नयी इबारत लिखकर के दी. अब उनकी कमाई हुई इज्जत और नाम आज भी उनके परिवार के लोगो को मिलता है जो इन दिनों वाराणसी में निवास करते है. उनके पोते का नाम है नासिर अब्बास जिन्हें सन 2014 में नरेंद्र मोदी द्वारा वाराणसी में नामांकन भरते समय आमंत्रित किया गया था लेकिन वो नही गये, यानि ये आमन्त्रण ठुकरा दिया और अपना पल्ला झाड लिया लेकिन इस बार वो इन सबसे बिलकुल ही अलग नजर आ रहे है. इसके पीछे की वजह भी है.

नासिर अब्बास का कहना है कि पिछले चुनाव के वक्त कुछ कांग्रेस के लोग मेरे पास आये उन्होंने मोदी की खूब बुराई की और मुझसे कहा कि तुम संगीतकार लोग हो, राजनीति से दूर रहना चाहिए. मुझे उस वक्त राजनीति की समझ नही थी जिसके चलते मेने वहां आने के लिये मना कर दिया.

मगर जब से मेने पिछले 5 साल में मोदी जी को यहाँ पर काम करवाते हुए देखा है और राजनीति को जांचना और परखना शुरू किया है तब से मुझे महसूस हुआ है कि मेने जो भी किया गलत किया. कांग्रेस के नेताओं ने मेरा ब्रेनवाश कर दिया था, मैं उनके नाम नही बताना चाहता हूँ लेकिन ये बात सच है.

अब नासिर अब्बास ने सरकार से और बीजेपी से ये गुजारिश की है कि वो जब नरेंद्र मोदी नामांकन भरेंगे तो वहाँ पर उन्हें बुलाये. अगर वो उन्हें बुलाते है तो इससे उन्हें बेहद ही ख़ुशी होगी और वो अपनी भूल भी सुधार पायेंगे. नासिर अब्बास का ये बयान मुस्लिम समाज का नरेंद्र मोदी के प्रति बढ़ते हुए झुकाव को भी दर्शा रहा है.