इजरायल से भारत के लिये बड़ी खबर आयी है

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भारत में लोकसभा चुनाव सर पर आ खड़े हुए है जबकि इजरायल में यही चुनाव निपट गये है और चुनाव का परिणाम भी आ चुका है. इजरायल में हुए आम चुनावों में एक बार फिर से बेंजामिन न्येत्याहू की पार्टी जीत गयी है और वो दुबारा से इजरायल के प्रधानमंत्री बनेंगे. भारत के लिए ये बात अच्छी क्यों है? ये बात जानना भी बेहद ही महत्वपूर्ण है. दरअसल बेंजामिन लिकुड पार्टी से आते है जो एक राष्ट्रवादी और राईट विंग पार्टी है जो भारत के साथ घनिष्ठ सम्बन्ध पर जोर देती है जबकि उनके अपोजिट में थे बेनी गेंट्स जो कि एक वामदल के नेता है

अगर वो सरकार बनती भी है तो भारत और इजरायल के रिस्ते फिर से नये सिरे से नयी सरकार के साथ शुरु होते और ये भारत के लिए ही बुरा होता क्योंकि इजरायल रक्षा मामलो में भारत के लिए बहुत ही ज्यादा मायने रखता है. ऐसे में बेंजामिन को अभी 37 सीटे मिली है और वो कुछ और सीट्स गठबंधन के साथ मिलाकर के सरकार बनाने की तैयारी में है

जिसके बाद वो लगातार पांचवी बार इजरायल के प्रधानमंत्री बनेंगे और ये इजरायल में पहली बार होगा जब इजरायल पर कोई व्यक्ति पांचवी बार लगातार शासन करने के लिए नियुक्त किया जा रहा है. ये सब उनकी लोकप्रियता को भी बताता है कि किस तरह से उनकी पॉपुलैरिटी आसमान छू रही है और आप एक तरह से उन्हें इजरायल का मोदी भी कह सकते है क्योंकि उन्होंने चुनाव प्रचार भी काफी हद तक पीएम मोदी की तरह ही किया था.

जहाँ मोदी अपने आपको देश का चौकीदार बताते है और देश की चौकीदारी करने की बात करते है वही बेंजामिन भी खुदको इजरायल का मिस्टर सिक्योरिटी बताते है जो देश की रक्षा करता है. दोनों देशो के सम्बन्ध इन दोनों नेताओ के दौर में काफी मजबूत हुए है.