उत्तर प्रदेश में मायावती और अखिलेश के गठबंधन को मिल सकता है योगी से बड़ा झटका

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चुनाव नजदीक आ रहे है और जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहे है वैसे ही वैसे सभी नेता अपने अपने तरीके से पत्ते भी चल रहे है ताकि उनका रण मजबूत हो सके. हर कोई अपने अपने तरीके से कोशिश कर भी रहा है लेकिन इन सबके बीच उत्तर प्रदेश में मायावती और अखिलेश को काफी बड़ा झटका लग सकता है. हालांकि अभी तक झटका लगा नही है पर कयास जोरो पर है. दरअसल खबर ये है कि निषाद पार्टी जो निषाद समुदाय का प्रतिनिधित्व करती है वो बीजेपी के खेमे में जा सकती है. दरअसल पिछले वर्ष हुए उपचुनाव में निषाद पार्टी के ही नेता प्रवीण निषाद ने काफी बड़ी जीत हासिल की थी और गोरखपुर से सांसद बने थे.

इसके लिए उन्हें सपा और बसपा का समर्थन भी मिला था लेकिन इस बार दोनों ही पार्टियों ने उनकी अनदेखी करते हुए निषाद पार्टी से कोई उम्मीदवार नही बनाया. इससे नाराज होकर के निषाद पार्टी के अध्यक्ष कल रात को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए पहुंचे. योगी पहले गोरखपुर से सांसद भी हुआ करते थे और उनका आज भी वहाँ पर अच्छा ख़ासा प्रभाव है.

अब फ़िलहाल ऐसी स्थिति में ये बात साफ़ हो गयी कि निषाद पार्टी ने सपा और बसपा का गठबंधन छोड़ दिया है क्योंकि उन्हें सीट नही दी गयी है. योगी आदित्यनाथ ने भी अपनी कूटनीति खेली और निषाद पार्टी को अपनी तरफ लेने की कोशिश की और सफल भी हुए. हालांकि सपा ने फिर से अपना दांव खेला और अब जब निषाद ने गठबंधन को छोड़ दिया है इसके बावजूद उन्हें वापिस शामिल होने का न्योता दिया है और समाजवादी पार्टी ने रामभुआल निषाद को गोरखपुर सीट से टिकट देने की घोषणा भी की है.

अब ऐसे में संभावना कम है कि वो वापिस लौटकर के जाए, अगर चले जाते है तो ये अखिलेश यादव की किस्मत है और अगर निषाद अब योगी की बात मानकर के बीजेपी खेमे में आ जाती है तो ये विपक्ष के लिए बहुत ही बड़ा झटका होने वाला है.