कांग्रेस नेता ने सुप्रीम कोर्ट में दी सवर्णों को मिले 10 प्रतिशत आरक्षण को चुनौती

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चुनाव करीब है और इस दौर में हर कोई अपनी अपनी अपनी राजनीतिक पारी खेलने में व्यस्त है. अगर आपको मालूम हो तो हाल ही में भारत सरकार ने संविधान में संसोधन करके गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया है. ये पहली बार आर्थिक आधार पर दिया गया आरक्षण है और इस आरक्षण के लिए किसी भी पुराने आरक्षण कोटे से छेड़छाड़ नही की गयी है जिसके चलते संविधान में आरक्षण कोटा 49 प्रतिशत से बढ़कर 59 प्रतिशत हो गया है और इसी को गैरवाजिब मानते हुए तहसीन पूनावाला ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की जिसमे उन्होंने इस फैसले का विरोध किया.

सुप्रीम कोर्ट ने पहले तो इसे 28 मार्च तक के लिए टाल दिया था मगर अब की बार हुई सुनवाई में कोर्ट ने इस फैसले और इसकी अधिसूचना पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. तहसीन पूनावाला जो कांग्रेस पार्टी के काफी बड़े घोर समर्थक माने जाते है और राहुल गांधी से उनका बेहद ही करीबी पारिवारिक रिश्ता भी है उन्होंने ये याचिका दायर की थी.

कहा जा रहा है कि इसे दायर करवाने के पीछे गांधी परिवार का हाथ हो सकता है ताकि अन्य जातियों को खुश करके फूट डाली जाए और कुछ वोट अपनी और डाइवर्ट किये जा सके मगर तहसीन पूनावाला कोर्ट में जाते ही फेल हो गये और उनकी याचिका सिरे से खारिच कर दी गयी है और इसके बाद में सवर्णों को मिलने वाले आरक्षण का रास्ता पूरी तरह से साफ़ हो गया है.

सरकार के आगे अब किसी भी तरह की कोई भी अड़चन नही आयेगी और इसका फायदा सामान्य वर्ग के उन गरीब परिवारों को मिलेगा जो गरीब है और उन्हें सरकारी नौकरियों से लेकर सरकारी संस्थानों में दाखिले तक में इसका फायदा मिलेगा और इसका रिटर्न चुनावो में कही न कही मोदी सरकार को मिलते हुए दिखाई दे रहा है. खैर बाकी बाते तो समय के साथ सामने आ ही जायेगी.