प्यारे नेपाली भाईयो! हम इस बद्तमीज हिन्दुस्तानी की तरफ से माफी माँगते है

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हिन्दुस्तान में चुनाव होने वाले है और चुनाव के माहौल में सारे मुद्दे एक तरफ है और स्लोगन वार एक तरफ है. राहुल गांधी के चौकीदार चोर है के नारे को जवाब देने के लिये बीजेपी की तरफ से बड़ा भारी काउंटर प्लान बनाया गया जिसके तहत लांच हुआ केम्पेन ‘मैं भी चौकीदार’. पीएम मोदी ने कहा जो भी करप्ट सिस्टम से, देश में मौजूद गंदगी से लड़े वो हर व्यक्ति इस देश का चौकीदार है क्योंकि वो इन घटिया चीजो को एंट्री से रोक रहा है. अब इसके जवाबी हमले भी हुए और इसी बीच कुछ लोग घसीट ले आये नेपालियों को जिसका नमूना ये भाई भी है. ये पहले भी कई बार यूट्यूब की विडियोज में नजर आ चुके है लेकिन इनका कोई पब्लिक डाटा उपलब्ध नही है.

आज तक द्वारा आयोजित एक डिबेट शो में जब पब्लिक के ओपिनियन की बात आती है तो ये व्यक्ति खड़ा होकर के कहता है ‘हमें चौकीदार नही चाहिये, चौकीदार तो सस्ता और अच्छा नेपाल से भी ले आयेंगे’. बड़े दुर्भाग्य की बात ये है कि वहाँ पर मौजूद इतने सारे राजनीतिक सूरमाओं में से किसी ने भी इसका विरोध नही किया.

इंटरनेशनल कम्युनिटी जहाँ पर भारत नेपाल को अपना छोटा भाई बताकर पेश करता है. वो देश जो भारत के बाद इकलौता हिन्दू बाहुल्य वाला देश है, वो देश जिसके साथ भारत के त्रेतायुग के समय से सांस्कृतिक और वैवाहिक सम्बन्ध थे. जिस देश ने हमेशा चीन को पीठ दिखाकर भारत का समर्थन किया और उसे साउथ एशियन भाग में एक बल दिया उस देश के नागरिको को लेकर इतनी निचले स्तर की मानसिकता भरी विडियो वायरल होना दिखाता है कि आप उस पडोसी को अपने से कमतर आंक रहे है.

3 करोड़ नेपाल के लोग जिसमे से अगर कुछ हजार लोग चौकीदारी का काम करते है तो इसका अर्थ ये भी नही है कि आप पूरे देश को इसे लेकर के यूँ पब्लिक डिबेट में ताना मारेंगे. आपको मालूम होना चाहिये भारत ने हाल ही में 5 नेपालियों को अपने सर्वोच्च पुरस्कारों पद्मश्री और पद्म भूषन से नवाजा है, इसमें उन्हें चौकीदारी के लिए नही बल्कि मेडिकल सेक्टर में कार्य के लिए और ह्यूमन ट्राफिकिंग जैसे क्षेत्रो में सामाजिक कार्यो के लिए उन्हें ये सम्मान दिया गया. आप ऐसे जूझारू देश को किसी देश में चौकीदारी की फेक्ट्री बताकर के अपमानित कैसे कर सकते है? आखिर युधिष्ठिर ने भी जब धर्म का पाठ पढ़ाने की बात आयी थी तो यही कहा था ‘किसी का भी अपमान मत करना, इसका घूँट बेहद ही कडवा होता है’.