सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई सभी मुसलमानों को पाकिस्तान भेजने की याचिका, जानिये पूरा मामला

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सुप्रीम कोर्ट में वैसे तो करोडो केस पेंडिंग है और अगर फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट की एक पूरी फ़ौज खड़ी कर दी जाये फिर भी न्याय कितना जल्दी मिल पायेगा? इसका अंदाजा किसी को भी नही है पर इसके बावजूद कुछ केस ऐसे भी आ ही जाते है जिन्हें देखकर के लगता है कि क्या इसे सुप्रीम कोर्ट में लाने की जरूरत थी? क्योंकि मालूम है इसके बाद डांट पड़ेगी और ऐसा ही कुछ हुआ. सुप्रीम कोर्ट में एक जाने माने वकील ने एक याचिका दायर की जिसमे हिन्दुस्तान के सारे के सारे मुसलमानों को पाकिस्तान भेजने की बात कही गयी थी. याचिका का आधार ये था कि अगर मुल्क का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ था और मुस्लिमो को दूसरा देश दे दिया गया है तो वो हिन्दुस्तान में क्यों है?

अब मामला पहुंचा कोर्ट में और इस याचिका को जस्टिस नरीमन की पीठ देख रही थी. जैसे ही उनके सामने ये याचिका आयी तो उनकी भोंहे तन गयी और उन्होंने कहा, आप सच में इस याचिका पर सुनवाई चाहते है? इस पर वकील ने कहा ‘मेरे पास में अपने पक्ष में कहने के लिए दलीले मौजूद है.’ जज ने उन्हें जवाब देते हुए कहा ‘ठीक है, दलीले तो हम सुन लेंगे लेकिन इसके बाद में जो कुछ भी होगा उसका अंजाम भुगतने के लिए भी आपको भी तैयार रहना होगा.’

इसके बाद भी आप सुनवाई चाहते है? इस पर वकील ने मौके की नजाकत को देखते हुए मना कर दिया. याचिका यही पर ही खारिच कर दी गयी और कोर्ट ने आगे के केस देखने शुरू कर दिये. फ़िलहाल सोशल मीडिया पर इस याचिका पर काफी चर्चा हो रही है और आज से पहले इस तरीके से ये मामला संवैधानिक स्तर पर नही उठा था

लेकिन पहली बार अब उठा है तो ये चिंगारी है जो कही न कही आगे भी भड़क सकती है और वही सवाल फिर से उठेंगे जो 47 के वक्त में उठे थे और ये देश की शान्ति के लिये तो बिल्कुल भी ठीक नही है.