अब शीला दीक्षित ने जमकर की मोदी की तारीफ, मनमोहन सिंह को भी कोसा

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दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस की बड़ी दिग्गज नेता शीला दीक्षित के ह्रदय की बात भी जुबान पर आखिरकार आ ही गयी. चुनाव सर पर है और ऐसे में नेता अपनी तरफ से काफी बयानबाजी कर भी रहे है और इसी दौर में शीला दीक्षित ने भी एक बड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ नरेंद्र मोदी का रूख जितना सख्त है उतना सख्त डॉक्टर मनमोहन सिंह का कभी भी नही रहा. शीला दीक्षित ने इस बात को स्वीकार किया कि जिस मनमोहन सिंह ताज अटैक के बाद में उस तरह से कार्यवाही नही कर पाए थे जिस तरह से नरेंद्र मोदी ने उरी के बाद में और पुलवामा अटैक के बाद में किया.

ये बात है जो नरेंद्र मोदी को बाकी सभी नेताओं से बहुत ही ज्यादा अलग बनाती है. शीला दीक्षित ने इस बात को माना कि पिछली सरकार यानी मनमोहन सरकार मोदी सरकार जैसी मजबूत और खुद पर भरोसा करने वाली नही थी.

शीला दीक्षित का ये बयान अपने आप में बहुत कुछ बता रहा है और अगर इस तरह से कांग्रेस की इतनी बड़ी और पुरानी नेता अपने ही पार्टी के खिलाफ सबसे बड़े नेता की तारीफ़ो के पुल बाँध रही है तो ये जाहिर तौर पर कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है. इसके बाद में अलग अलग नेताओं की प्रतिक्रिया आ रही है जिसमे केजरीवाल का कहना है कि शीला दीक्षित और कांग्रेस की बीजेपी के साथ में मिलीभगत है और ये बात शीला दीक्षित के बयान से साबित होती है इसलिए आप सिर्फ आम आदमी पार्टी को ही वोट करे. वही अमित शाह ने इसे सकारात्मक राजनीति बताते हुए इस बयान का स्वागत किया है.

हालाँकि बयान को इतना तूल मिलते हुए देखकर के शीला दीक्षित ने यू टर्न ले लिया और कहा कि मेरे कहने का वो मतलब नही था जिस तरह से इसे प्रचारित किया जा रहा है. खैर अब तो शब्द जुबान से निकल चुके है और इनका प्रभाव भी काफी लम्बे समय तक रहने ही वाला है जो देखने वाली बात तो होगी ही होगी.