आरएसएस का 2019 का वो प्लान, जो नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बना देगा

853

भारतीय जनता पार्टी अगर आज देश में एक छत्र राज कर रही है तो इसके पीछे कही न कही आरएसएस की संगठन शक्ति है इसमें तो कोई भी दो राय नही है और इस बार के लोकसभा चुनावों के लिए भी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने अपनी रणनीति तैयार कर दी है जो नरेंद्र मोदी के लिए गद्दी के रास्ते में मौजूद सारे कंकड़ पत्थर और कांटे साफ़ कर देगा. जब चुनाव आयोग की तरफ से चुनावी तारीखों की घोषणा की जा रही थी तब आरएसएस की तरफ से भी ग्वालियर में एक सभा का आयोजन था और उस आयोजन में इस प्लान से जुड़े कुछ संकेत दे दिए गये. संघ की तरफ से इस आयोजन में कहा गया कि इस बार हमारा तरीका कुछ अलग होगा, हम लोकसभा चुनाव से पहले हर घर घर पर जाकर लोगो को वोट देने के लिये प्रेरित करेंगे.

अब आप ये तो समझ ही सकते है कि आरएसएस किस पार्टी को वोट देने के लिए प्रेरित करेगा? इससे पहले संघ या बीजेपी की तरफ से रैली या फिर मंच पर कार्यक्रम होते रहे है लेकिन इस बार आरएसएस के कार्यकर्ता लोगो के घर घर जाकर के उन्हें समझायेंगे कि आपको कैसे कहाँ और क्यों किस तरह से मतदान करना है?

इससे पर्सन टू पर्सन कांटेक्ट स्थापित होगा और बीजेपी का वोट प्रतिशत जाहिर तौर से बढेगा. इससे पहले अरविन्द केजरीवाल ने भी दिल्ली में अपना पहला चुनाव इसी तरह से घर घर जाकर वोट मांगकर के किया था न कि रैलियों पर जोर दिया था. कुछ लोगो का तो ये भी मानना है कि पिछले मध्य प्रदेश और राजस्थान के चुनावों में यही रणनीति आरएसएस अपनाता तो भारतीय जनता पार्टी को इन दोनों राज्यों से बाहर न होना पड़ता.

हालांकि घर घर जाकर पहले भी इस तरह से कार्यक्रम संघ करता रहा है लेकिन इतने बड़े वृहद और राष्ट्र स्तर पर लोकसभा चुनावों में पहली बार किया जायेगा और इससे कांग्रेस और अन्य दलों को झटका मिलेगा ही मिलेगा. अब इसका जवाब कांग्रेस के संगठन किस तरह से देते है ये तो देखने वाली बात होगी, लेकिन राहुल और प्रियंका के नेतृत्व में यूथ कांग्रेस जैसे कांग्रेस के घटक संगठन दम तोड़ चुके है और उनका संघ से तो कोई मुकाबला ही नही है.