भारत सरकार का बड़ा फैसला, पाकिस्तान से ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ का दर्जा वापिस लिया गया

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भारत और पाकिस्तान के बीच में काफी लम्बे समय से तनातनी की स्थिति बनी हुई है और इसी बीच कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ़ के काफिले पर हुए अटैक ने पूरे देश को हिलाकर के रख दिया है. अभी तक की रिपोर्ट के अनुसार पुलमावा में हुए आतंकी हमले में 42 के करीब जवाब शहीद हो गये है और कई लोग अभी तक घायल है. ऐसे में लगातार देश भर से प्रतिक्रियाये आ रही थी पर सभी को इन्तजार था सरकार की तरफ से सख्त कदम लेने का जो ले लिया गया है.

सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर बैठक हुई जिसमे देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण समेत कई नेता और तीनो सेनाओं के अध्यक्ष समेत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे. बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण मीडिया से मिले. उन्होंने बैठक से जुड़ी कुछ प्रमुख बाते मीडिया के साथ साझा की.

अरुण जेटली ने बताया पहले बैठक में मौन रखा गया और इसके बाद में तय हुआ है कि पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापिस लिया जाये. आपको बता दे इस दर्जे के तहत भारत पाकिस्तान को किसी भी तरह के व्यापार के लिये प्राथमिकता देता था और दुनिया में ये दोस्ती का सन्देश देता था लेकिन अब पाकिस्तान से ये दर्जा छीन लिया गया है. इसके अलावा इंटरनेशनल लेवल पर अन्य देशो की मदद से पाकिसान के खिलाफ डिप्लोमेटिक कदम उठाने की बात भी कही गयी है. वित्त मंत्री ने सरकार की तरफ से आधिकारिक बयान जारी करते हुए ये भी कहा कि ‘जिन लोगो ने ये किया है उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.’

इससे पहले ही पकिस्स्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कह दिया है कि भारत बिना किसी सबूत के बेबुनियाद आरोपो लगा रहा है जबकि दुनिया भर के सारे देश भारत के साथ खड़े है. रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने भी भारत सरकार को फोन करके शोक जताया है, दुनिया भर में इसकी भर्त्सना की जा रही है लेकिन दुश्मन देश है कि समझने को तैयार ही नही है. इसी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बयान देते हुए कहा है ‘ये बहुत बड़ी गलती की है, उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.’ इसके बाद में सरकार की तरफ देश की पूरी जनता उम्मीद की नजर से देखना शुरू कर चुकी है.