एक साल में दो करोड़ लोगो को नौकरियां मिली, संसद में नरेंद्र मोदी ने दिये आंकड़े

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पकौड़े वाले बयान को लेकर काफी बार आलोचनाओं का सामना करणा पड़ रहा था और बीच में एनएसएसओ का डाटा भी सामने आया था जिसके तहत नौकरियों के ग्राफ को गिरते हुए दिखाया गया लेकिन अभी नरेंद्र मोदी ने संसद में सारे सवालों का सदन में जवाब दिया और आंकड़ो के साथ में सभी को बताया कि देश में रोजगार बढ़ रहा है लेकिन पुराने ढर्रे से नही बल्कि हमने और भी तरीको से रोजगार दिया है. सितम्बर 2017 से लेकर नवम्बर 2018 तक 1 करोड़ 80 लाख लोगो ने पहली बार अपना पहली बार पीएफ का पैसा कटवाया है.

पहली बार पीएफ का पैसा कटवाने का मतलब है ये उनकी पहली तनख्वाह थी और इसका मतलब ये है पिछले वर्ष में 1 करोड़ 80 लाख लोगो को पहली बार रोजगार मिला है. वही प्रधानमंत्री ये केवल संगठित क्षेत्र की नौकरियां है जबकि असंगठित क्षेत्रो में तो इससे भी अधिक नौकरियां मिली है. असंगठित क्षेत्रो में 36 लाख ट्रक खरीदे गये है और 1.5 करोड़ पेसेंजर बसे खरीदी गयी है जो लोगो ने अपना रोजगार खुद बनाने के लिये काम में ली है.

वो सरकार पर निर्भर नही है वो अपनी मेहनत से कमाना शुरू कर चुके है. उन्होंने होटल इंडस्ट्री के बारे में बताते हुए कहा है कि अब अप्प्रूव होटल की संख्या 50 प्रतिशत हुई है यानि अब होटल इंडस्ट्री पहले से दुगुने लोगो को रोजगार दे रही है. मुद्रा लोन से हमने कई करोड़ लोगो को उनका अपना रोजगार देने में मदद की है. जो खुद तो अपना घर जमा ही चुके है अपने साथ साथ दो तीन लोगो को और रोजगार दे रहे है.

प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी अब सरकारी नौकरियों की जगह प्राइवेट सेक्टर में नौकरियाँ बढाने पर जोर दे रहे है क्योंकि सरकारी संस्थान सीमित है और बढ़ती जनसंख्या के अनुरूप प्राइवेट सेक्टर और एक्सपोर्ट के बिजनेस में ही वृद्धि करनी होगी क्योंकि इससे ही देश का विकास संभव है. विश्व के कई बड़े दिग्गज नेता और वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष भी नरेंद्र मोदी की नीतियों की तारीफ़ कर चुके है.