इन बड़े नेताओं ने की मांग ‘बंगाल में लागू हो राष्ट्रपति शासन’

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पश्चिम बंगाल में लगातार केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच भिडंत देखने को मिल रही है और ये भिडंत अचानक से सीबीआई ममता सरकार का रूप ले चुकी है. पहले अमित शाह की रैली के लिये हेलीकॉप्टर उतरने न देना फिर योगी आदित्यनाथ के हेलीकॉप्टर को उतरने की परमिशन न देना और इसके बाद में अब बंगाल में सीबीआई के कई अफसरों के साथ में बदसलूकी की गयी है. शारदा चिटफंड घोटाले मामले में जांच कर रहे सीबीआई अफसर पूछताछ करने पश्चिम बंगाल के कमिश्नर राजीव कुमार के पास पहुंचे थे लेकिन उल्टा उन्हें ही बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया और इसके बाद खबर मीडिया में आते ही अपने बचाव के लिये ममता बनर्जी धरने पर बैठ गयी.

पश्चिम बंगाल में इस तरह की अलोकतांत्रिक व्यवस्था के चलते अब लोगो का सरकार पर से भरोसा उठने लगा है और सरकार पर नियंत्रण के लिये राष्ट्रपति शासन की मांग न सिर्फ पब्लिक से बल्कि कई बड़े नेताओं और मंत्रियों की तरफ से भी उठने लगी है.

केन्द्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने बयान देते हुए कहा है कि इस कपटी सरकार को नियंत्रित करने के लिये राष्ट्रपति शासन लागू किया जाना चाहिए. वही मामले की स्थिति को भांपते हुए लेफ्ट पार्टियां भी पूरे मसले में कूद पड़ी है और उन्होंने कहा ‘ममता बनर्जी को सीबीआई की टीम को रोकना नही चाहिए था, राज्य में अब राष्ट्रपति शासन लागू कर देना चाहिए.’ आपको बता दे ममता बनर्जी से पहले पश्चिम बंगाल में लेफ्ट की ही सरकार थी. अब ममता बनर्जी तो खुद ही ये कह रही है कि बीजेपी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाना चाह रही है.

अब ऐसा कुछ होगा या नही ये तो क़ानून नियम तय करेंगे लेकिन बंगाल में जो कुछ हो रहा है और जो ममता बनर्जी की जिम्मेदारियां मुख्यमंत्री होने के नाते थी वो अपने पार्टी हित और निजी हित के चलते पूरा नही कर पायी है.