आखिर क्यों मिली 5 लाख तक की इनकम टैक्स छूट? इसके पीछे बड़ा कारण है

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नरेंद्र मोदी सरकार ने अपना बजट पेश किया और बजट ने अपनी तरफ से जो कुछ हो सका जनता के लिये मानो पिटारा ही खोलकर के रख दिया. ख़ास तौर पर ये बजट मिडल क्लास और मजदूर वर्ग को समर्पित कर दिया गया. कई योजनाये घोषित की गयी लेकिन इस बार बजट में एक बहुत ही बड़ा ऐलान हुआ कि 5 लाख तक की इनकम को बिलकुल टैक्स फ्री ही कर दिया जाये. अब ऐसी स्थिति में मिडल क्लास बहुत ही ज्यादा खुश हुआ क्योंकि देश का एक बहुत ही बड़ा तबका है जिसकी सालाना इनकम 2 लाख से 5 लाख के बीच में है और उनको टैक्स में भारी छूट मिल गयी है लेकिन इसके पीछे का कारण क्या है? पिछले 67 सालो में अब तक ये छूट ढाई लाख तक पहुँची थी और अब अचानक से दुगुनी?

दरअसल इसके पीछे पहला कारण तो है पिछले वर्ष रिटर्न्स की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोतरी. रिटर्न फाइल करने वालो और करदाताओ की संख्या में बढ़ोतरी के साथ ही साथ सरकार को डायरेक्ट टैक्स देने वाले और जीएसटी का कलेक्शन भी बढ़ा है जिसके चलते केंद्र सरकार के हाथ अब खुल चुके है, तो अब कुछ रियायत देना तो बनता था. वही टैक्स की सीमा बढ़ने पर रिटर्न फाइल करने वालो की संख्या और ज्यादा बढ़ेगी और इससे परिणाम ये होगा कि सरकार के पास में लोगो की इनकम से जुड़ा ज्यादा बेहतर डेटा होगा और अधिक किफायती तरीके से कल्याणकारी योजनाये भी बनाई जा सकेगी.

दूसरा सबसे बड़ा कारण था मिडल क्लास की नाराजगी, बीजेपी का सबसे कोर वोटर मिडल क्लास है और नरेंद्र मोदी उनके बीच में अच्छे खासे पोपुलर भी है लेकिन बीते 4 वर्षो में मिडल क्लास को टारगेट करके ऐसा कुछ ख़ास नही दिया गया जिससे वो खुश हो जाये. इसके चलते कई बार पीएम के पब्लिक संवाद में भी लोग उनसे कहते थे कि आप मिडल क्लास के लिये कुछ करिए. कही न कही मिडल क्लास की नाराजगी रही जिसके चलते बीजेपी को तीन राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सरकार तक गंवानी पड़ी.

अब ऐसी स्थिति में में सरकार ऐसा रिस्क केंद्र के चुनावों में तो लेने के मूड में बिलकुल भी नही था और इस तरह करोडो को लोगो को एक साथ फायदा देकर सरकार ने बैलेंस करने की भरपूर कोशिश की है और इससे माध्यम वर्ग काफी खुश भी है.