सुप्रीम कोर्ट हमें सौंप दे राम मंदिर का मामला, 24 घंटे में सुलझा देंगे

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एक मसला जो पिछले काफी लम्बे वक्त से अदालतों के चक्कर काट रहा है और वो है राम मंदिर का मामला. 1992 में विवादित ढांचा घिराने के बाद मामला कोर्ट में पहुँच गया जिसके बाद से अब तक इस पर सिर्फ सुनवाइयां होती रही और अब 17 साल के बाद भी राम मंदिर का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. लगातार राजनीतिक और धार्मिक दखल के चलते सुप्रीम कोर्ट इस पर फैसला दे पाने में कामयाब नही पा रहा है और ऐसे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुप्रीम कोर्ट को ही नसीहत दे डाली है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि अगर अदालते राम मंदिर के मामले को सुलझा नही सकती है तो वो हमें सौंप दे. हम इसे 24 घंटे में सुलझा देंगे.

योगी आदित्यनाथ ने अपनी बात को आगे बढाते हुए कहा कि अगर जरूरत से ज्यादा देरी होती है तो लोग इस तरह के संस्थानों में अपना विश्वास खोने लगते है और इससे लोगो का धैर्य ख़त्म हो रहा है. योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद से सोशल मीडिया पर काफी खलबली मच गयी है और हिन्दू समर्थक लोग बड़ी ही तेजी के साथ में इस बयान को वायरल करके मंदिर निर्माण की मांग करने लगे है वही एक नरम धड़ा वो भी है जो कह रहा है कि पीएम मोदी के बयान के अनुसार हमें कुछ और वक्त प्रतीक्षा करनी चाहिए.

नरेंद्र मोदी ने 1 जनवरी को एएनआई को दिए इंटरव्यू में कहा था कि अभी मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और जब तक ये सुप्रीम कोर्ट में है तब तक हम कुछ नही करेंगे. जैसे ही वहाँ पर ये मसला खत्म हो जाता है वैसे ही सरकार की आगे जो भी जिम्मेदारी बनेगी उसका हम पूरी तरह से निर्वहन करेंगे. आपको बता दे हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू होनी थी लेकिन बाबरी के पैरोकार वकील ने एक जज की नियत पर ही सवाल खड़े कर दिये क्योंकि वो कभी वकील रहते हुए कल्याण सिंह का केस लड़ चुके थे.

जिसके बाद दुबारा से केस सुनवाई के गठन शुरू होने लगा और पूरे केस के दस्तावेजो का अनुवाद करने की बात भी चल रही है जो कई महीनो का समय लेगा और इससे मामला और भी ज्यादा खिंचने की पूरी पूरी सम्भावना है. इससे लोगो में काफी रोष है क्योंकि अंतिम पड़ाव पर आकर इस तरह की अड़चन डालना किसी को भी पसंद नही आयेगा.